
करतला विकासखंड के ग्राम बैगापाली के किसान शीतल दास के पास लगभग 14 एकड़ कृषि भूमि है। पिछले कई वर्षों से वे धान की खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में भी उन्होंने धान की उत्तम फसल ली। शीतल दास ने गत वर्ष 280 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र कनकी में बेचा था और इस वर्ष भी उन्होंने 280 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र कनकी में विक्रय के लिए पहुंचाया।
किसान शीतल दास बताते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी सीमा और धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य किसानों के लिए बड़ा सहारा बना है। वे बताते हैं कि अब उपार्जन केंद्रों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। पहले के समय में किसानों को टोकन के लिए लंबी कतारें लगानी पड़ती थीं, अक्सर टोकन नहीं मिलता था और पूरा दिन व्यर्थ चला जाता था। लेकिन अब सरकार द्वारा ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू करने से किसान अपनी सुविधा अनुसार टोकन प्राप्त कर धान बेच सकते हैं।
शीतल दास के अनुसार उनकी खेती ही उनके जीवन-यापन का मुख्य आधार है। पिछले वर्ष धान बेचने के बाद प्राप्त राशि से उन्होंने अपने घर के निर्माण के साथ अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा किया। उनका कहना है कि समय पर मिलने वाला समर्थन मूल्य और सुधारित उपार्जन व्यवस्था ने किसानों का विश्वास मजबूत किया है।







