
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि जशपुर की भौगोलिक विविधता इसे कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में फलदार फसलों जैसे नाशपाती, लीची और चाय की अपार संभावनाएं हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में धान जैसी पारंपरिक फसलों का बेहतर उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सपो किसानों को क्षेत्र और मौसम के अनुसार फसल चयन, उन्नत तकनीक अपनाने, विपणन व्यवस्था को समझने और उत्पादन बढ़ाने में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। उन्होंने ड्रिप सिंचाई तकनीक को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जल संरक्षण के साथ-साथ फसलों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे रसायन मुक्त उत्पादन संभव होता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने महिलाओं से भी कृषि क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की। इस अवसर पर श्री रामप्रताप सिंह एवं श्री शंभुनाथ चक्रवर्ती ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कृषि क्रांति एक्सपो को किसानों के लिए बेहत लाभदायक बताया।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि जिला प्रशासन जशपुर द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत आयोजित इस एक्सपो का उद्देश्य किसानों, एफपीओ, कृषि कंपनियों, स्टार्टअप, खरीदारों, प्रोसेसर, निर्यातकों, वित्तीय संस्थानों और शासकीय विभागों को एक मंच पर लाना है, ताकि तकनीक, बाजार और संसाधनों का बेहतर समन्वय हो सके। इस दौरान किसान मेला एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, कंपनियों के साथ एमओयू एवं मार्केट लिंकिंग, कृषि विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण एवं कार्यशालाएं तथा प्रगतिशील किसानों का सम्मान जैसे विशेष आयोजन भी किए जा रहे हैं।
मुख्य आकर्षण बने आधुनिक कृषि मॉडल-
एक्सपो में 108 किस्मों के सामुदायिक बीज बैंक, एकीकृत कृषि प्रणाली का जीवंत प्रदर्शन, आधुनिक मृदा एवं पोषक तत्व प्रबंधन, ड्रोन तकनीक, जैविक एवं प्राकृतिक खेती मॉडल, मिलेट्स, फल, सब्जी एवं जनजातीय उत्पादों की प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रदर्शनी में उन्नत बीज, जैव उर्वरक, एकीकृत मृदा एवं कीट प्रबंधन, मशरूम उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से संबंधित जानकारी और लाइव डेमो प्रस्तुत किए जा रहे हैं। यह आयोजन न केवल किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने का माध्यम बन रहा है, बल्कि जिले में कृषि के समग्र विकास और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र –
कार्यक्रम के दौरान किसानों के लिए विषयवार तकनीकी प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में कृषि विशेषज्ञ एवं प्रगतिशील किसान आधुनिक खेती, उन्नत बीज उत्पादन, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, ड्रोन आधारित कृषि, उद्यानिकी तथा कृषि आधारित उद्यमिता जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्रांति एक्सपो के अंतर्गत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें उत्कृष्ट डेयरी किसान, उत्कृष्ट मत्स्य पालक, उत्कृष्ट बागवानी किसान, उत्कृष्ट बीज संरक्षक, उन्नत बीज उत्पादक तथा नवाचार करने वाले प्रगतिशील किसानों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।









