
कवर्धा धर्म नगरी कबीरधाम के जिला मुख्यालय कवर्धा में माँ के आराधना के पर्व नवरात्री के दौरान एक आदिवासी युवती से गैंग रेप का मामला सामने आया है । जिला मुख्यालय में घटित इस घटना ने पुलिसिया गस्त की पोल और विज्ञप्ति के माध्यम से स्लोगन लिख ज्ञान बांटने वाली पुलिस की लापरवाही को उजागर कर दिया है ।
कवर्धा शहर में कार में एक आदिवासी युवती के साथ उसके ही परिचित और दोस्तों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला काफी संगीन है ऐसा जब हुआ जब सुबह राज्यपाल और गृह मंत्री का कवर्धा में प्रवास था । यह घटना न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली हैं।
जानकारी के अनुसार, युवती रात में अपने साथी के साथ उसके घर पर ठहरी हुई थी। किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और युवती घर से बाहर निकल आई। थोड़ी देर बाद उसका साथी भी वहां पहुंच गया। इसी दौरान युवक के जान-पहचान के कुछ लोग कार से वहां पहुंचे और युवती व उसके साथी को कार में बैठाकर ले गए। आरोप है कि महिला थाना क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर रोड स्थित महेंन्द्रा शोरूम के पास कार में मौजूद युवकों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता को बस स्टैंड के पास छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
बस स्टैंड में छोड़े जाने के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस तक पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उसे मुलायजा के लिए अस्पताल लाया गया।
घटना की खबर फैलते ही सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के लोगों का अस्पताल में जमावड़ा लग गया। गुस्साए लोगों ने एएसपी की गाड़ी को घेरकर जमकर हंगामा किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और डीवीआर जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान जल्द कर ली जाएगी और गिरफ्तारी में देर नहीं होगी।
सबसे गम्भीर सवाल है कि जब नवरात्रि का पर्व चल रहा सुबह राज्यपाल व गृहमंत्री का जिले में दौरा था ऐसे में महेंद्रा शोरूम से बस स्टैंड तक क्या कोई पोलिस नही थी । अक्सर शोरूम के पास खड़ी रहने वाली पुलिस गाड़ी कहा थी ।
विदित हो कि जिले में इनदिनों पुलिसिया कार्य शैली को लेकर सवाल उठाए जा रहे है । अपराधी बड़खौफ़ हो चुके है ।








