
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज ग्राम पमशाला कंवर धाम (तपकरा) में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संभाग के विभिन्न जिलों से आए लगभग एक हजार पेंशनर्स की उपस्थिति से कार्यक्रम भावनात्मक एवं गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने मंच में आते ही बड़ी आत्मीयता के साथ पेंशनर सदस्यों से मुलाकात की। उनका हाल चाल जाना। साथ ही उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान संघ के सदस्यों ने ग़जमाला से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपने सेवाकाल में शासन-प्रशासन की नींव को सुदृढ़ किया है और आज राज्य के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में पेंशनर सदस्यों का शासकीय अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है।सभी ने सरकारी सेवा में अमूल्य सेवा दिए है, जिसके कारण प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से निरन्तर है। सभी ने खूब मेहनत की है, सूझ बुझ के साथ काम किया। साथ ही कठिनाइयों का सामना करते हुए दायित्वों का निर्वहन किए। पहले आवागमन का भी पर्याप्त साधन नहीं था। सूचना तंत्र मजबूत नहीं था। फिर भी सुविधा विहीन समय में भी निष्ठापूर्वक जिम्मेदारी निभाई। आपके अच्छे काम से हम आगे बढ़ रहे है। आगे भी यह अनुभव काम आएगा। शासन में कोई भी नया निर्णय से पहले पूर्व निर्णय देखा जाता है। इसलिए निश्चित रूप से यह अनुभव आने वाले पीढ़ी को काम आएगा। आप लोगों ने अपने कामों के प्रति समर्पित होकर निष्ठा के साथ दायित्वों का निर्वहन किया। इसके लिए सभी पेंशनर का आभार। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, पूर्व विधायक श्री भरत साय, पेंशनर संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर, आईजी श्री दीपक कुमार झा, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित संभागीय एवं जिला स्तरीय पेंशनर संघ के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व सरगुजा कमिश्नर रिटायर्ड आईएएस महेश्वर साय पैकरा द्वारा लिखित किताब करम डार एवं अन्य कथनी एवं महुवा के फूल का विमोचन किया।
इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर ने कहा कि आज तक कोई भी मुख्यमंत्री पेंशनर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे। साय पेंशनर संघ सम्मेलन में शामिल होने वाले पहले मुख्यमंत्री बने। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने संघ की कुछ महत्वपूर्ण मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर इन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। सम्मेलन के माध्यम से न केवल वरिष्ठ नागरिकों में सम्मान और आत्मविश्वास का संचार हुआ, बल्कि शासन और पेंशनर्स के मध्य संवाद का एक सशक्त एवं सकारात्मक मंच भी स्थापित हुआ।








