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राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया शुभकामनाओं का आदान-प्रदान

लोकभवन में गणतंत्र दिवस पर हुआ स्वागत समारोह

भोपाल (IMNB NEWS AGENCY)

गणतंत्र दिवस पर लोकभवन में स्वागत समारोह सोमवार को आयोजित किया गया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगंतुकों के साथ गणतंत्र दिवस की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमन्त खंडेलवाल उपस्थित थे।

लोकभवन स्वागत समारोह में राज्यपाल श्री पटेल का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने अपनी संगीत और लोकधुनों से सजी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को सजीव कर दिया। कार्यक्रम का आरंभ सूरीनाम के कवि रघुवीर प्रसाद की कालजयी रचना “बटोहिया” से हुआ, जिसमें भारत-भूमि के गौरव का भावपूर्ण स्मरण किया गया। कजरी की स्वर-लहरियों में प्रस्तुत प्रतिबंधित क्रांतिकारी रचना “कितने वीर झूले झुलाए, बेईमान झूलनवा” ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनआक्रोश की झलक दिखाई। मथुरा की लोकशैली रसिया में “जंग में पकड़ लूंगी तलवार” गीत ने भारतीय नारी के स्वाभिमान और शौर्य को सशक्त अभिव्यक्ति दी। अवध की आल्हा परंपरा में मंगल पांडे की वीरता की गाथा गूँजी। काशी की विद्याधरनी बाई की रचना “हिंद का बगीचा गुलज़ार न रह जाए” और गोरखपुर के लोकगीत “पैसा का लोभी फिरंगिया” ने अंग्रेजी शोषण के विरुद्ध लोक स्वर को मुखर किया। “भारत छोड़ो आंदोलन” से प्रेरित गीत “मंत्र यही है, तंत्र यही है, मंत्र वंदेमातरम्” ने वातावरण को राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कर दिया। अंत में बहादुर शाह ज़फर की पंक्तियाँ “लूट गई बगिया सारी, जल गई फुलवारी” की फाग शैली में प्रस्तुति ने लोककला के माध्यम से राष्ट्रप्रेम को जीवंत अभिव्यक्ति प्रदान की।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, पद्म अलंकरण से सम्मानित, न्यायाधीश, आयोग, निगम-मंडलों के अध्यक्ष, विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, विधायक, पंचायत पदाधिकारी, जन प्रतिनिधि गण, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरू, राजनैतिक एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी निजी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति, सेना, पुलिस, प्रशासन, न्यायिक सेवा, केन्द्र शासन के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक गण, पत्रकार, खेल प्रतिभाएं, मेधावी छात्र-छात्राएँ, विशिष्ट खिलाड़ी, गणमान्य नागरिक, ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने  

 

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