
अब मरीजों को एमआरआई जांच के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, समय और धन दोनों की होगी बचत
रायपुर, 22 जून 2026/ कांकेर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल कांकेर में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का संचालन प्रारंभ हो गया है। इससे अब कांकेर जिले के मरीजों को एमआरआई जांच के लिए रायपुर सहित अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों को समय, धन और अन्य परेशानियों से राहत मिलेगी। गंभीर बीमारियों की जांच के लिए पहले मरीजों को एमआरआई कराने हेतु जिले से बाहर जाना पड़ता था, जिससे आने-जाने का खर्च, समय और उपचार में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल कांकेर में एमआरआई जांच सुविधा उपलब्ध होने से जिलेवासियों को बड़ी राहत मिली है।
पखांजूर निवासी बीपीएल कार्ड धारक श्री गुरुदास बिस्वास ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा एमआरआई जांच की सलाह दी गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बड़े शहर जाकर जांच नहीं करा पा रहे थे। रायपुर या अन्य शहरों में एमआरआई जांच कराने के लिए आने-जाने का किराया, ठहरने और अन्य खर्चों को वहन करना उनके लिए मुश्किल था। अब चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल कांकेर में ही एमआरआई सुविधा उपलब्ध होने से उन्होंने आसानी से अपनी जांच कराई। उन्होंने बताया कि जिले में यह सुविधा शुरू होने से उनके जैसे कई मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और समय के साथ आर्थिक बोझ भी कम होगा। इस सुविधा के लिए उन्होंने राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि जिले वासियों के लिए यह खुशी का विषय है, तकनीकी समस्या के कारण लंबे समय से बंद एमआरआई मशीन अब पुनः शुरू हो गई है। इससे मरीजों को जांच के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी। इससे लोगों का समय और धन दोनों की बचत होगी।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. विमल भगत ने बताया कि 1.5 टेस्ला क्षमता वाली एमआरआई विशेष रूप से न्यूरो से संबंधित मरीजों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी होगी। आयुष्मान कार्ड एवं बीपीएल कार्डधारी मरीजों को नियमानुसार निःशुल्क एमआरआई जांच की सुविधा प्रदान की जाएगी। रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. के. के. शोरी ने बताया कि एमआरआई मशीन से मस्तिष्क संबंधी बीमारियों, ट्यूमर, स्पाइन, घुटने के जोड़ (नी जॉइंट) सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों से संबंधित गंभीर बीमारियों की पहचान में सहायता मिलती है। यह सुविधा मरीजों के बेहतर उपचार और समय पर बीमारी की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।








