
50 बिस्तर के क्रिटिकल केयर यूनिट का निरीक्षण –
कलेक्टर श्री व्यास ने सबसे पहले जशपुर नगर में कल्याण आश्रम के समीप लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 50 बिस्तर के क्रिटिकल केयर यूनिट का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन एरिया, वेटिंग हॉल सहित भूतल एवं प्रथम तल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण करते हुए ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की। साथ ही परिसर में व्यवस्थित पार्किंग, छायादार वृक्षारोपण एवं अस्पताल सेटअप में उपलब्ध होने वाले आवश्यक स्वास्थ्य उपकरणों की जानकारी लेते हुए सिविल वर्क को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह यूनिट तैयार होने के बाद जिले में गंभीर मरीजों के उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगा। जिससे लोगों को जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
चराईडांड में 220 बिस्तर अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज निर्माण –
कलेक्टर श्री व्यास ने ग्राम चराईडांड में 36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 220 बिस्तर के सिविल अस्पताल का भी निरीक्षण किया। वर्तमान में अस्पताल निर्माण अंतर्गत फाउंडेशन कार्य प्रगति पर है, जिस पर उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को कहा, जिससे कार्य को जल्द पूर्ण करने में आसानी हो। यह अस्पताल कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा एवं अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके निर्माण हो जाने से लोगों को एक ही जगह पर सर्व सुविधायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया होगी। कलेक्टर ने इसी परिसर के बगल में 8 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने साइट प्लान एवं ड्राइंग देखकर फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को नर्सिंग शिक्षा की सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा। इसके अलावा कलेक्टर ने चराईडांड में ही 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से बन रहे फिजियोथैरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने परिसर में खाली स्थानों पर ट्री गार्ड के साथ वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए, ताकि भवन पूर्ण होने तक हरियाली विकसित हो सके।
कंडोरा में फिजियोथैरेपी कॉलेज की तैयारियों की समीक्षा –
कलेक्टर ने ग्राम कंडोरा में संचालित होने वाले फिजियोथैरेपी कॉलेज की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कॉलेज के भू तल, प्रथम एवं द्वितीय तल, प्राचार्य कक्ष सहित सभी कक्षों का निरीक्षण किया। क्लास संचालन के लिए अभी तक किए गए व्यवस्थाओं एवं संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्र प्रारंभ होने से पूर्व बिजली, पानी, शौचालय सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही परिसर में स्थित कुएं की साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए।
नेचुरोपैथी सेंटर कार्य में देरी पर जताई नाराजगी –
निरीक्षण के अगले चरण में कलेक्टर श्री व्यास ग्राम बेमताटोली पहुंचे। जहां उन्होंने आयुष विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन नेचुरोपैथी सेंटर का अवलोकन किया। कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि अनावश्यक विलंब की स्थिति में अनुबंध समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही जीपीएस टैग के साथ फोटोग्राफ साझा करने को भी कहा।
गिनाबहार में एमसीएच यूनिट व बीपीएचयू का भी निरीक्षण –
कलेक्टर श्री व्यास ने निरीक्षण के दौरान ग्राम गिनाबहार में निर्माणाधीन 50 बिस्तर के एमसीएच( मातृ शिशु स्वास्थ्य यूनिट) तथा बीपीएचयू (ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट) अंतर्गत लैब निर्माण का भी अवलोकन किया। उन्होंने कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। ये सभी निर्माण कार्य सीजीएमएससी एजेंसी द्वारा कराए जा रहे हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण हो सके और जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।








