
जगदलपुर, 19 मार्च 2026/ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और बालिकाओं को जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन के सफल क्रियान्वयन हेतु गुरुवार को तोकापाल में खंड स्तरीय प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री के मार्गदर्शन में किया गया।
इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर श्री आशू पोद्दार ने उपस्थित ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और कोल्ड चैन हैंडलर्स को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए दी जाने वाली इस महत्वपूर्ण वैक्सीन के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान वैक्सीन के सुरक्षित संधारण, कोल्ड चैन प्रबंधन और टीकाकरण की सूक्ष्म कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई ताकि जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन में कोई त्रुटि न रहे।
प्रशिक्षण सत्र के समापन के तुरंत पश्चात जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के दल ने संयुक्त रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल एवं बड़ेकिलेपाल का औपचारिक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने लैब, पोषण पुनर्वास केंद्र, जनरल वार्ड, कोल्ड चैन पॉइंट और मेडिसिन स्टोर जैसी मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के समय तोकापाल खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषभ साव, बास्तानार खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप बघेल सहित डॉ. गुलशन एवं डॉ. पीके दास भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की सराहना की, साथ ही रिकॉर्ड संधारण को और अधिक व्यवस्थित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण की इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुतनपाल पहुंची, जहाँ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक जन-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और शासन के निर्देशों के अनुसार यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर पात्र बालिका तक एचपीवी वैक्सीन की पहुंच सुलभ हो। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बस्तर जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करते हुए भविष्य की पीढ़ी को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करना है।









