
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण तकनीक और पारदर्शिता का मेल रहा। ग्रामीणों को वीबी जी राम जी योजना के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से मनरेगा के कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के प्रति ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया कि कैसे वे अपने मोबाइल से एक स्कैन कर पंचायत में चल रहे कार्यों, व्यय और प्रगति की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह कदम डिजिटल साक्षरता और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
दूसरी ओर आवास दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को उनके सपनों का घर जल्द पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों और हितग्राहियों की भागीदारी से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि अधूरे आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण हो, ताकि पात्र परिवारों को पक्की छत मिल सके। रोजगार दिवस के सत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रत्येक पंचायत में आजीविका डबरी के निर्माण और उसके बहुउद्देशीय उपयोग की जानकारी साझा की गई। ग्रामीणों को समझाया गया कि वे किस प्रकार डबरी के माध्यम से मत्स्यपालन, बतख पालन और बाड़ी में सब्जी उत्पादन को एकीकृत कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर सकते हैं। इस महोत्सव ने न केवल ग्रामीणों को जागरूक किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया।








