Ro no D15139/23

अंतरराष्ट्रीय पॉलिमर विज्ञान सम्मेलन में आईआईटी भिलाई के शोधकर्ताओं को मिला पुरस्कार

रायपुर, 15 जनवरी 2026 (IMNB NEWS AGENCY)  छत्तीसगढ़ एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि संस्थान के शोधकर्ताओं ने एसपीएसआई मैक्रो 2025 के अठारहवें अंतरराष्ट्रीय पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है।
यह प्रतिष्ठित सम्मेलन 15 से 18 दिसंबर 2025 के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर द्वारा आयोजित किया गया था। इस आयोजन में पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम शोध और तकनीकी प्रगति पर चर्चा के लिए विश्वभर से प्रमुख वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और औद्योगिक विशेषज्ञों ने सहभागिता की। आईआईटी भिलाई के रसायन विज्ञान विभाग के तीन शोधार्थियों स्वरूप माईती, निशिकांत, सुदीप्त पॉल को उनके उत्कृष्ट पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
स्वरूप माईती को उनके शोध ‘समायोज्य कंपन-अवशोषण और प्रभाव-सहनशीलता वाले स्व-उपचारक इलास्टोमरों के लिए गतिशील गैर-सहसंयोजक नेटवर्क का विकास’ पर सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार मिला। यह कार्य प्रभाव सुरक्षा और कंपन अवशोषण हेतु उन्नत इलास्टोमेरिक सामग्रियों के विकास पर केंद्रित है। वहीं निशिकांत को ‘अत्यंत सूक्ष्म सल्फर-बिंदुओं द्वारा मध्यस्थित सरल प्रकाश-प्रेरित बहुलकीकरण के माध्यम से त्रि-आयामी मुद्रण हेतु स्मार्ट इंजेक्टेबल स्याही का निर्माण’ विषयक पोस्टर के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें अगली पीढ़ी की योगात्मक विनिर्माण (3डी प्रिंटिंग) तकनीकों के लिए नवीन बहुलकीकरण रणनीतियाँ प्रस्तुत की गई हैं।
सुदीप्त पॉल को ‘स्मार्ट खिड़की और सुरक्षा अनुप्रयोगों हेतु पराबैंगनी किरण-अवरोधक ताप-संवेदी बहुक्रियात्मक पॉलिमरिक संरचना’ पर किए गए शोध के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त हुआ, जो स्मार्ट और ऊर्जा-कुशल तकनीकों के लिए प्रभावी पॉलिमर-आधारित समाधान प्रदान करता है।
इस संबंध में तीनों अनुसंधानरत शोधार्थियों के मार्गदर्शक डॉ. संजीब बैनर्जी ने भी हर्ष व्यक्त किया। यह उपलब्धि उन्नत पॉलिमरिक सामग्रियों और सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में आईआईटी भिलाई की बढ़ती शोध-पहचान को रेखांकित करती है। इन अनुसंधानों में मौलिक रसायन विज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोग जैसे स्मार्ट सामग्री, विनिर्माण प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा-कुशल प्रणालियों का सशक्त समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
संस्थान के संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ऐसी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ आईआईटी भिलाई को उच्च-प्रभावी वैज्ञानिक अनुसंधान के एक उभरते केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ करती हैं।

  • Related Posts

    घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग व कालाबाजारी पर जिला प्रशासन की सख्ती

     कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग ने की कार्यवाही 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त रायपुर, 12 मार्च 2026। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार खाद्य विभाग रायपुर के संयुक्त…

    Read more

    *”प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत बच्चों की हुई निःशुल्क हृदय जांच, 1090 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग*

    रायपुर, 12 मार्च 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले…

    Read more

    NATIONAL

    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – 2026 के आने से धर्मांतरण में लगेगी रोक – अंजु गबेल घर वापसी प्रांत प्रमुख

    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – 2026 के आने से धर्मांतरण में लगेगी रोक – अंजु गबेल घर वापसी प्रांत प्रमुख

    बंगाल में सीएनजी की किल्लत से महंगाई की डबल मार, 10 रुपये तक ऑटो का किराया बढ़ाने की मांग

    बंगाल में सीएनजी की किल्लत से महंगाई की डबल मार, 10 रुपये तक ऑटो का किराया बढ़ाने की मांग

    विजय कृष्ण हत्याकांड: भाजपा छोड़ते ही चंदन मंडल की बढ़ी मुश्किलें, एनआइए ने भेजा नोटिस

    विजय कृष्ण हत्याकांड: भाजपा छोड़ते ही चंदन मंडल की बढ़ी मुश्किलें, एनआइए ने भेजा नोटिस

    विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, भारत के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता

    विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, भारत के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता

    राज्यसभा चुनाव: 5वीं सीट पर शह-मात तेज, तेजस्वी से मिले AIMIM अध्यक्ष, आज एनडीए की अहम बैठक

    राज्यसभा चुनाव: 5वीं सीट पर शह-मात तेज, तेजस्वी से मिले AIMIM अध्यक्ष, आज एनडीए की अहम बैठक

    बे-मौसम की बरसात से भारी नुकसान, जानें अगले पांच दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम

    बे-मौसम की बरसात से भारी नुकसान, जानें अगले पांच दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम