
धमतरी, 14 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से राज्य की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश की समृद्धि में पशुधन की अहम भूमिका रही है। इसलिए राज्य सरकार द्वारा गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और समुचित प्रबंधन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा मवेशियों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसानों को आवारा मवेशियों की समस्या से राहत मिलेगी और पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि गौधामों में मवेशियों के लिए चारा, पानी, स्वास्थ्य परीक्षण तथा देखभाल की समुचित व्यवस्था की जाएगी। साथ ही गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा देकर स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर धमतरी जिले में जिला पंचायत सभागार से महापौर नगर निगम धमतरी श्री रामू रोहरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अंगीरा धुर्व, विकासखंड गौधाम समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र ठाकुर वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने गौधाम योजना को पशुधन संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस योजना से किसानों को आवारा मवेशियों की समस्या से राहत मिलेगी तथा गांवों में सुव्यवस्थित पशुधन प्रबंधन की दिशा में सकारात्मक बदलाव आएगा।
जिले में वर्तमान में 12 गौधामों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 गौधाम के प्रस्ताव प्रेषित किए जा चुके हैं, 2 प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं तथा 3 ग्राम पंचायतों से अनुमति प्राप्त होना शेष है। वहीं 1 प्रस्ताव पूर्व में नगर निगम गौठान को गौधाम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेषित किया गया है। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में गौधाम स्वीकृत होने से सड़कों पर घुमंतू पशुओं का जमाव कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी। साथ ही लावारिस पशुओं को सुरक्षित स्थान मिलने से उनके संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। गौधामों में चारागाह विकास भी किया जाएगा तथा इन्हें गौ-संवर्धन केंद्र के रूप में विकसित कर गौ-आधारित उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान पंजीकृत अंगार मोती गौशाला द्वारा पंचगव्य से निर्मित धूप, घी तथा गौ-संवर्धन और गौ-उत्पाद से संबंधित पुस्तिका अतिथियों को भेंट की गई।
अंत में उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अवधेश कुमार मरकाम ने सभी अतिथियों के प्रति कार्यक्रम में सहभागिता के लिए सहृदय धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।









