भारत ने बांग्लादेश के दावों को किया खारिज, शेख हसीना के भड़काऊ बयान पर आई पड़ोसी देश की प्रतिक्रिया

भारत ने बांग्लादेश के दावों को खारिज कर दिया है. इस बात पर जोर दिया कि उसने कभी भी अपनी धरती को बांग्लादेश के हितों के खिलाफ गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है. भारत ने आगामी संसदीय चुनावों को शांतिपूर्ण माहौल में कराने पर बल दिया.

भारत में मौजूद अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से दिए गए भड़काऊ बयानों पर बांग्लादेश ने गंभीर चिंता जताई थी. बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब भी किया था. इस घटनाक्रम के कुछ घंटे बाद भारत की ने अपनी प्रतिक्रिया दी.

बांग्लादेश ने भारत को लेकर क्या किया था दावा?

बांग्लादेश ने दावा किया है कि शेख हसीना को भड़काऊ बयान जारी करने की अनुमति दी जा रही है, जिसमें वह अपने समर्थकों को बांग्लादेश में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा रही हैं. उनके बयान का उद्देश्य आगामी संसदीय चुनावों को विफल करना है. बयान में कहा गया है कि बांग्लादेश हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को जल्द से जल्द प्रत्यर्पित करने की अपनी मांग एक बार फिर दोहराता है, ताकि वे पिछले महीने विशेष न्यायाधिकरण की ओर से सुनाई गई मौत की सजा का सामना कर सकें.

विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश को दिया करारा जवाब

विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश को करारा जवाब देते हुए कहा, भारत बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा प्रेस बयान में किए गए दावों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है. भारत ने बांग्लादेश में शांतिपूर्ण माहौल में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनाव कराने के अपने रुख को लगातार दोहराया है. भारत ने कभी भी अपनी धरती को बांग्लादेश के हितों के खिलाफ गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है. विदेश मंत्रालय ने कहा, हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार आंतरिक कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी, जिसमें शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराना भी शामिल है.

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होना है आम चुनाव

बांग्लादेश में संसदीय चुनाव 12 फरवरी को होंगे. पिछले साल अगस्त में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद हसीना सरकार के पतन के बाद यह पहला आम चुनाव होगा. अवामी लीग ने चुनावों को खारिज करते हुए कहा है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार स्वतंत्र और सामान्य माहौल में चुनाव कराने में सक्षम नहीं होगी.

बांग्लादेश से भागकर शेख हसीना ने भारत में लिया शरण

शेख हसीना पिछले साल अगस्त में छात्रों के हिंसक प्रदर्शन के बाद भारत आ गयीं थी. बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है. बांग्लादेश भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है.

  • Related Posts

    कौन हैं 20 साल की प्रिंसेस लियोनोर? 150 साल बाद स्पेन की पहली महारानी बनकर रचेंगी इतिहास

    प्रिंसेस लियोनोर स्पेन के राजा फेलिप छठे की बेटी हैं और सिंहासन की उत्तराधिकारी हैं. स्पेन को 150 सालों में पहली रानी मिल सकती है. लियोनोर की पढ़ाई, मिलिट्री ट्रेनिंग,…

    Read more

    8000 KM दूर ग्रीनलैंड पर चीन की नजर! ट्रंप ने चेताया- रूस और ड्रैगन रख सकते हैं कदम

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है और चेतावनी दी कि अगर अमेरिका पीछे हटा तो रूस और चीन दखल दे…

    Read more

    NATIONAL

    कौन हैं 20 साल की प्रिंसेस लियोनोर? 150 साल बाद स्पेन की पहली महारानी बनकर रचेंगी इतिहास

    कौन हैं 20 साल की प्रिंसेस लियोनोर? 150 साल बाद स्पेन की पहली महारानी बनकर रचेंगी इतिहास

    8000 KM दूर ग्रीनलैंड पर चीन की नजर! ट्रंप ने चेताया- रूस और ड्रैगन रख सकते हैं कदम

    8000 KM दूर ग्रीनलैंड पर चीन की नजर! ट्रंप ने चेताया- रूस और ड्रैगन रख सकते हैं कदम

    बांग्लादेश में नहीं थम रहे अल्पसंख्यकों पर हमले, सिलहट में हिंदू शिक्षक के घर में लगाई आग

    बांग्लादेश में नहीं थम रहे अल्पसंख्यकों पर हमले, सिलहट में हिंदू शिक्षक के घर में लगाई आग

    ईरान संकट टला! चार अरब देशों के समझाने पर ट्रंप ने अमेरिकी हमला रोका, रिपोर्ट में खुलासा

    ईरान संकट टला! चार अरब देशों के समझाने पर ट्रंप ने अमेरिकी हमला रोका, रिपोर्ट में खुलासा

    आई-पैक रेड केस : ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, पढ़ें सुप्रीम कोर्ट में ईडी और टीएमसी चीफ के वकीलों की दलीलें

    आई-पैक रेड केस : ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, पढ़ें सुप्रीम कोर्ट में ईडी और टीएमसी चीफ के वकीलों की दलीलें

    मोहन भागवत ने ‘नोटा’ क्यों नहीं दबाने को कहा?

    मोहन भागवत ने ‘नोटा’ क्यों नहीं दबाने को कहा?