
कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के तहत् आज एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की उपस्थिति में जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया, जिसमें कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न के विरुद्ध संरक्षण और लैंगिक उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण और प्रतितोष की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण सह कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर क्षीरसागर ने इस अधिनियम के अंतर्गत सभी शासकीय/गैरशासकीय तथा निजी संस्थानों में कार्यरत सभी महिलाओं को उक्त समिति की जानकारी के लिए गठित आंतरिक शिकायत समिति को स्पष्ट प्रदर्शित करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही कार्यालयों में इस संबंध में समय-समय पर बैठक आयोजित करने के लिए कहा, ताकि कार्य स्थल में कार्यरत सभी महिलाओं को उक्त अधिनियम की जानकारी मिल सके। इसके पहले, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन ने कार्यशाला आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष व सदस्यों से जिले में 224 शासकीय कार्यालयों एवं 58 निजी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति गठित होने एवं कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 अन्तर्गत सभी शासकीय /गैरशासकीय तथा निजी संस्थानों में अनिवार्यतः आंतरिक शिकायत समिति गठित करने के बारे में बताया। समिति गठित नहीं करने पर 50 हजार रु. तक का जुर्माने के प्रावधान के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। जिला महिला बाल विकास अधिकारी अनुकूल पाण्डेय ने गठित आंतरिक शिकायत समिति का विवरण को एस.एच.ई बॉक्स पोर्टल में एंट्री करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में आए रिसोर्स पर्सन रचना यादव के द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के नियमों तथा उपनियमों, अधिनियम के तहत प्राप्त अधिकारों की जानकारी गठित समिति के अध्यक्षों व सदस्यो को दी। इस अवसर पर पुलिस विभाग, सभी शासकीय कार्यालय, एन.जी.ओ., स्व सहायता समूहांे, सभी परियोजनाओं के परियोजना अधिकारी, कांकेर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष उपस्थित रहे।









