
रायपुर, 13 जून 2025/ छत्तीसगढ़ को शुद्ध हरित राज्य की दिशा में ले जाने के उद्देश्य से आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। राज्य सरकार की सतत योजना के अंतर्गत कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीबीडीए श्री सुमित सरकार, हेड बायोफ्यूल्स बीपीसीएल मुम्बई श्री अनिल कुमार पी., नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप की उपस्थिति में नगर पालिक निगम रायपुर, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत रायपुर के रावाभाठा क्षेत्र में प्रतिदिन 100 से 150 टन मिश्रित ठोस अपशिष्ट एमएसडब्ल्यू से कंप्रेस्ड बायोगैस सीबीजी उत्पादन हेतु संयंत्र की स्थापना की जाएगी।
इस परियोजना की आधारशिला पहले ही 13 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव की उपस्थिति में हुए एमओयू के माध्यम से रखी जा चुकी थी। अब इसके ठोस क्रियान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए यह समझौता किया गया है। बीपीसीएल इस संयंत्र के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। संयंत्र के निर्माण और संचालन के दौरान प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 30 हजार मानव दिवस का स्थायी रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त, निर्माण चरण में भी स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इस संयंत्र में उत्पादित सीबीजी गैस का उपयोग नगर बसों और अन्य वाणिज्यिक माध्यमों में किया जाएगा, जिससे राज्य को हर वर्ष लगभग 1 करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त होगा। संयंत्र से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद से राज्य में जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण अधिक स्वच्छ होगा। सीबीजी के उपयोग से छत्तीसगढ़ को नेट ज़ीरो एमिशन की दिशा में भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में बीपीसीएल और सीबीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









