Ro no D15139/23

दुग्ध उत्पादन से कमला बनीं ‘लखपति दीदी’, सालाना हो रही 1.5 लाख की शुद्ध बचत

तकनीक और आर्थिक सहयोग से बनीं सफल उद्यमी

अम्बिकापुर 14 मार्च 2026 (IMNB NEWS AGENCY) ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबन और समृद्धि का नया आधार बन रहा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ’बिहान’ है। सरगुजा जिले के ग्राम चटिरमा की रहने वाली श्रीमती कमला मंडल आज जिले की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। कभी मात्र डेढ़ एकड़ की खेती पर आश्रित रहने वाली कमला आज उन्नत पशुपालन के जरिए ’लखपति दीदी’ के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर चुकी हैं।

समूह के माध्यम से मिली आर्थिक मजबूती
श्रीमती कमला मंडल बताती हैं कि उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत ’साईं बाबा स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद हुई। उन्होंने समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण लेकर पहली गाय खरीदी थी। बिहान योजना के तहत मिले मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता का परिणाम है कि आज उनके पास गायों और बछड़ों का एक बड़ा कुनबा तैयार हो गया है। वे बताती हैं कि समूह के सदस्यों के आपसी सहयोग ने उन्हें हर कदम पर संबल प्रदान किया।

दुग्ध व्यवसाय से लाखों का टर्नओवर
पशुपालन के क्षेत्र में कमला ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। वर्तमान में वे सालाना लगभग 3.5 लाख रुपये का दूध बेच रही हैं। पशुओं के चारे और रखरखाव पर होने वाले 2 लाख रुपये के खर्च को काटकर उन्हें हर साल करीब 1.5 लाख रुपये की शुद्ध बचत हो रही है। इस आय ने उनकी पारिवारिक और आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

मछली पालन और खेती में भी विस्तार
केवल पशुपालन ही नहीं, बल्कि कमला ने अपनी आजीविका के स्रोतों में विविधता लाते हुए खेती-बाड़ी और मछली पालन जैसे कार्यों को भी अपनाया है। ’बिहान’ योजना के जुड़ाव से मिले तकनीकी और आर्थिक सहयोग की बदौलत वे अब एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई हैं।

शासन की योजनाओं के लिए जताया आभार

अपनी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कमला मंडल ने कहा, “बिहान योजना की वजह से आज हम महिलाएं वास्तव में सशक्त हो रही हैं। इसके लिए उन्होंने  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। कमला ने अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी समूह से जुड़कर शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

जिला प्रशासन द्वारा ’बिहान’ के आजीविका गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आज लखपति दीदी बन रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

  • Related Posts

    ’अभिसरण से बदली सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीर, नौनिहालों को मिला सुरक्षित और सुविधायुक्त भवन’

      अम्बिकापुर 13 अगस्त 2026/   जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सलका स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में अब बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण मिल रहा है। पहले किराए…

    Read more

    नक्सली प्रभावित 90 गांवों में पहली बार लहरेगा राष्ट्रीय ध्वज

      जगदलपुर 13 अगस्त 2026/ बस्तर की धरती पर लोकतंत्र की नई बयार बह रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मजबूत…

    Read more

    NATIONAL

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!

    रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!

    TRAI ने बढ़ाया 1601 नंबर सीरीज का दायरा, बिजली-पानी से लेकर कूरियर कंपनियों को मिलेगा खास नंबर

    TRAI ने बढ़ाया 1601 नंबर सीरीज का दायरा, बिजली-पानी से लेकर कूरियर कंपनियों को मिलेगा खास नंबर

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पांडवानी ने बांधा समां

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा  इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पांडवानी ने बांधा समां