Ro no D15139/23

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी

पेसा अधिनियम बना जनजातीय समुदाय के लिए वरदान : चौपाल लगाकर सुलझा रहे हैं आपसी विवाद
लगभग 8 हजार से अधिक प्रकरणों को जनजातीय समुदाय ने आपसी विमर्श में सुलझाया
थाने में शिकायत किए बिना सुलझाए मामले
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय समुदाय के लिये राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। प्रदेश के 88 ट्राइबल ब्लॉक्स में लागू पेसा अधिनियम जनजातीय समुदाय के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अधिनियम के अंतर्गत जनजातीय समुदाय आपसी विवादों का समाधान थानों में शिकायत दर्ज कराए बिना ही चौपालों के माध्यम से कर रहे हैं। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में मध्यप्रदेश न केवल अग्रणी है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
जनजातीय समुदाय ने अब तक लगभग 8 हजार से अधिक विवाद प्रकरणों का चौपाल के माध्यम से निराकरण कर मिसाल पेश की है। इन मामलों में पारिवारिक जमीन संबंधी विवाद शामिल है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए पेसा एक्ट का उद्देश्य भी यही है कि जनजातीय समुदाय के लोगों को छोटे-छोटे विवाद में पुलिस थाना का चक्कर ना लगाना पड़े और आपस में बैठकर ही मामले की सुलह कर लें। साथ ही उनकी परंपरा, कला संस्कृति की भी रक्षा की जा सके।
पेसा अधिनियम के अंतर्गत 3 प्रकार की समितियां कर रहीं हैं काम
पेसा अधिनियम के तहत प्रदेश के 88 विकासखंडों में तीन प्रकार की समितियां काम रही है। इसमें शांति और विवाद निवारण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति और वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति शामिल है। प्रदेश में शांति और विवाद निवारण समिति की संख्या 11 हजार 639 है। वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति की संख्या 11 हजार 331 है, जबकि सहयोगिनी मातृ निवारण समिति की संख्या 21 हजार 887 है।
देश के 10 राज्य में हो रहा है पेसा एक्ट का क्रियान्वयन, मध्यप्रदेश है अग्रणी
देश के 10 राज्यों में पेसा एक्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सफलता की कहानियों को लेकर एक पुस्तिका भी निकाली गई है जिसमें मध्यप्रदेश की दो कहानियों को शामिल किया गया है। इस वजह से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
5133 ग्राम पंचायतों में लागू है पेसा अधिनियम
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य वाले प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंड की 5133 ग्राम पंचायतों के 11 हजार 596 ग्रामों में पेसा एक्ट लागू किया गया है। वर्तमान में 4850 पेसा मोबलाइजर कार्य कर रहे हैं। पेसा कानून में सबसे महत्वपूर्ण विषय वित्तीय प्रबंधन है, जिसके तहत राज्य में अब तक 11 हजार 538 खाते खोले गये है।

  • Related Posts

    सांस्कृतिक परंपरा, शुभता और नवचेतना का प्रतीक है गुड़ी पड़वा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ऐतिहासिक महत्व की इस तिथि से ही विक्रम संवत हुआ आरंभ राज्य सरकार द्वारा गुड़ी पड़वा पर अवकाश के साथ सभी जिलों में विशेष आयोजन की व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव…

    Read more

    कवि सम्मेलन हमारी समृद्ध काव्य परम्पराओं के हैंसजीव संवाहक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन हमारा ध्येय   जल्द ही प्रारंभ करेंगे भोपाल से ओरछा पर्यटन हेली सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ भोपाल (IMNB…

    Read more

    NATIONAL

    खरसावां में ओड़िया नाट्य कलाकारों का जलवा, दूसरे दिन भी उमड़ी दर्शकों की भारी भीड़

    खरसावां में ओड़िया नाट्य कलाकारों का जलवा, दूसरे दिन भी उमड़ी दर्शकों की भारी भीड़

    ईद की वजह से दुबई में फंसा अवाना शिप के कैप्टन का पार्थिव शरीर, होर्मुज में हुई थी मौत

    ईद की वजह से दुबई में फंसा अवाना शिप के कैप्टन का पार्थिव शरीर, होर्मुज में हुई थी मौत

    इंदिरा मुखर्जी समेत 15 आईपीएस जायेंगे बंगाल से बाहर, चुनाव आयोग ने देर रात जारी किया आदेश

    इंदिरा मुखर्जी समेत 15 आईपीएस जायेंगे बंगाल से बाहर, चुनाव आयोग ने देर रात जारी किया आदेश

    बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की महिला ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक

    बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की महिला ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक

    ईरान का दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट पर हमला; IRGC ने कहा- इंटेलिजेंस मिनिस्टर की मौत का लिया बदला

    ईरान का दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट पर हमला; IRGC ने कहा- इंटेलिजेंस मिनिस्टर की मौत का लिया बदला

    धुरंधर 2, दो आंखें बारा हाथ, खोटे सिक्के, शोले, मोहरा; लोहा लोहे को काटता है, चरित्र निभाया दोहरा, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    धुरंधर 2, दो आंखें बारा हाथ, खोटे सिक्के, शोले, मोहरा; लोहा लोहे को काटता है, चरित्र निभाया दोहरा, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….