Ro no D15139/23

खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में अखबारी कागज का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक, उल्लंघन पर होगी विधिक कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, जिला रायगढ़ द्वारा सामान्य नागरिकों एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं से अपील की गई है कि खाद्य पदार्थों के पैकेजिंग, परोसने एवं पार्सल के लिए अखबारी कागज, न्यूज पेपर अथवा अन्य प्रिंटेड पेपर का उपयोग कतई न करें। अखबारी कागज में प्रयुक्त स्याही कारसिनोजेनिक प्रकृति की होती है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26 एवं 27 के अनुसार प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता का यह दायित्व है कि वह अधिनियम के सभी प्रावधानों का पालन करते हुए आम नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 की कंडिका 3(1) में स्पष्ट उल्लेख है कि खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा उपयोग की जाने वाली पैकेजिंग सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। वहीं कंडिका 3(11) में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अखबार या किसी भी प्रकार के प्रिंटेड पेपर का उपयोग खाद्य पदार्थों को लपेटने अथवा भंडारण के लिए नहीं किया जा सकता। खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग एवं परोसने में अखबारी कागज के बढ़ते उपयोग की रोकथाम हेतु जिला प्रशासन द्वारा निम्न कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य एवं जिला स्तर पर विभागीय हेल्पलाइन नंबर 9340597097 के माध्यम से आम नागरिकों से शिकायतें प्राप्त की जाएंगी। अखबारी कागज का उपयोग करने वाले खाद्य कारोबारकर्ताओं के परिसरों का निरीक्षण किया जाएगा। प्रथम बार पाए जाने पर उन्हें समझाइश दी जाएगी, सुरक्षित विकल्पों की जानकारी दी जाएगी एवं लिखित चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। चलित खाद्य परीक्षण के माध्यम से कागज के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के संबंध में खाद्य कारोबारकर्ताओं एवं सामान्य जन को जागरूक किया जाएगा। समझाइश के पश्चात भी यदि कोई खाद्य कारोबारकर्ता अखबारी कागज का उपयोग करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान धारा 69 के तहत मौके पर जुर्माना अथवा धारा 55 एवं 58 के अंतर्गत माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। बार-बार समझाइश के बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारकर्ताओं की जानकारी कार्यालय उप संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिंदल रोड, भगवानपुर, रायगढ़ अथवा खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जन शिकायत प्रणाली में दी जा सकती है।

  • Related Posts

    बस्तर देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *बस्तर के आर्थिक विकास और लघु वनोपजों के समुचित उपयोग के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध*   *मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘तेरा…

    Read more

    राजनांदगांव भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा 4 मंडलों की पदाधिकारियों की सूची जारी

    राजनांदगांव (IMNB NEWS AGENCY )- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी तथा जिला भाजपा अध्यक्ष…

    Read more

    NATIONAL

    क्या आपका पुराना नंबर किसी और को मिल गया? बैंक OTP, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट गलत हाथों में जाने से ऐसे बचाएं

    क्या आपका पुराना नंबर किसी और को मिल गया? बैंक OTP, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट गलत हाथों में जाने से ऐसे बचाएं

    परमाणु कार्यक्रम पर भी बनेगा निगरानी तंत्र डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा. उनके मुताबिक, इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकेगा और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अधिक प्रभावी निगरानी स्थापित होगी. ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ईरान के परमाणु सामग्री प्रबंधन तथा निपटान से जुड़े प्रावधान भी शामिल होंगे. फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष यह संभावित समझौता उस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. उस दौरान अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया था. अब यदि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इसे पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धियों में गिना जा सकता है.

    परमाणु कार्यक्रम पर भी बनेगा निगरानी तंत्र डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा. उनके मुताबिक, इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकेगा और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अधिक प्रभावी निगरानी स्थापित होगी. ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ईरान के परमाणु सामग्री प्रबंधन तथा निपटान से जुड़े प्रावधान भी शामिल होंगे.  फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष यह संभावित समझौता उस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. उस दौरान अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया था. अब यदि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इसे पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धियों में गिना जा सकता है.

    अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर

    अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC