
अम्बिकापुर 11 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मरीजों के आयुष्मान पैकेज एवं उपचार पूर्ण होने के उपरांत ऑटो जनरेशन के माध्यम से संबंधित मरीज अथवा परिजन के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश प्राप्त होने के संबंध में राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय, अम्बिकापुर द्वारा वास्तविक तथ्यों एवं पोर्टल पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जानकारी प्रस्तुत की गई है।
चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मरीज स्वर्गीय श्री देवनारायण राम, पिता श्री मुनेश्वर राम, उम्र 39 वर्ष, निवासी जशपुर, छत्तीसगढ़ को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय, अम्बिकापुर में 26 जून 2026 को शल्य क्रिया विभाग अंतर्गत आईसीयू में भर्ती किया गया था। उपचार के दौरान 30 जून 2026 को उनकी मृत्यु हो गई।
उपचार अवधि में 16,700 रुपये के पैकेज ही किए गए ब्लॉक-
मरीज की भर्ती अवधि कुल 05 दिवस रही। इस अवधि में उपचार के लिए आईसीयू तथा ब्लड ट्रांसफ्यूजन से संबंधित पैकेज ही ब्लॉक किए गए। इन पैकेजों की कुल व्यय राशि 16,700 रुपये थी। वहीं संबंधित मरीज के आयुष्मान कार्ड खाते में 4,74,800 रुपये की राशि शेष है।
क्लेम प्रोसेसिंग में विभिन्न चरणों से गुजरती है प्रक्रिया-
बताया गया कि मरीज के उपचार के दौरान आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत क्लेम प्रोसेसिंग की प्रक्रिया में विभिन्न अवसरों पर क्वेरी जनरेट होती है। चिकित्सालय द्वारा मरीज के उपचार से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों को पोर्टल पर क्वेरी के समाधान सहित विभिन्न चरणों में अपडेट किया जाता है। सामान्यतः इस प्रक्रिया में 8 से 10 दिन का समय लगता है। इसके पश्चात आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर क्लेम इनिशिएशन की कार्यवाही नियमानुसार संपादित की जाती है।
डाटा एंट्री में विलंब के कारण 42 दिन बाद अपडेट हुआ क्लेम क्लोज-
इस प्रकरण में संबंधित विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा क्लेम की निगरानी में विलंब किया गया। इसके कारण पोर्टल पर क्लेम क्लोज की जानकारी 6 अगस्त 2026 को अपडेट हुई, जो मरीज की मृत्यु के 42 दिन बाद हुई। पोर्टल पर प्रक्रिया अपडेट होने के पश्चात संबंधित मरीज के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ऑटो जनरेटेड संदेश प्राप्त हुआ। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीज की वास्तविक स्थिति के अनुरूप उपचार से संबंधित पैकेज ही ब्लॉक किए गए थे। इन पैकेजों की कुल राशि 16,700 रुपये थी। मरीज की मृत्यु के समय के पश्चात कोई अतिरिक्त पैकेज ब्लॉक नहीं किया गया।
मरीज की अनुपस्थिति में बायोमेट्रिक एवं ओटीपी प्रक्रिया संभव नहीं-
हॉस्पिटल प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मरीज की अनुपस्थिति में आवश्यक प्रक्रिया किया जाना संभव नहीं है, क्योंकि बायोमेट्रिक के लिए मरीज के अंगूठे का निशान आवश्यक होता है। इसके साथ ही मोबाइल नंबर पर ओटीपी भी भेजा जाता है। इस संबंध में संपूर्ण विवरण मरीज के आयुष्मान कार्ड से प्राप्त एवं सत्यापित किया जा सकता है।
डिस्चार्ज, रेफरल एवं मृत्यु प्रकरणों में यथास्थिति के अनुरूप संदेश के लिए कार्रवाई-
हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिन मरीजों का आयुष्मान कार्ड ब्लॉक कर उपचार किया जाता है, उनके डिस्चार्ज, रेफरल, मृत्यु आदि प्रकरणों में मरीज की यथास्थिति के अनुरूप ही ऑटो जनरेटेड संदेश भेजे जाने के संबंध में उचित कार्यवाही के लिए राज्य नोडल एजेंसी, नवा रायपुर को भी पत्र प्रेषित किया गया है। राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय, अम्बिकापुर द्वारा इस प्रकरण के संबंध में प्रकाशित समाचार के संदर्भ में वास्तविक तथ्यों एवं पोर्टल पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वस्तुस्थिति प्रस्तुत की गई है।









