Ro no D15139/23

वनांचलों की ‘संजीवनी’ बनी मोबाइल मेडिकल यूनिट: साढ़े तीन माह में 2000 से अधिक ग्रामीणों का हुआ निःशुल्क उपचार

​विशेष पिछड़ी जनजातियों के द्वार तक पहुँचा अस्पताल

पीएम जनमन योजना से बदली दुर्गम क्षेत्रों की तस्वीर

​रायपुर, 30 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों और दुर्गम पहाड़ियों पर बसे विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों के लिए शासन की मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) एक वरदान साबित हो रही है। ‘अस्पताल खुद ग्रामीण के द्वार’ की परिकल्पना को साकार करते हुए, इस सेवा ने पिछले साढ़े तीन महीनों में 2035 लोगों को उनके ही मोहल्ले में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

*​पैदल चलने की मजबूरी हुई खत्म*

​पूर्व में इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को सामान्य इलाज के लिए भी कई मील पैदल चलना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 15 जनवरी 2026 से संचालित यह यूनिट विशेष पिछड़ी जनजाति ‘कमार’ बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार और औराई सहित कसडोल क्षेत्र के अन्य गांवों में निरंतर कैंप लगा रही है। अब सुदूर बस्तियों के लोगों को शहर के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

*​एक ही छत के नीचे जांच और दवा*

​इस चलते-फिरते अस्पताल में सुविधाओं का पूरा तामझाम मौजूद है। प्रत्येक यूनिट में एक मेडिकल ऑफिसर, लैब टेक्निशियन, नर्स और ड्राइवर की दक्ष टीम तैनात रहती है।
​निःशुल्क जांच: बीपी, शुगर, मलेरिया और हीमोग्लोबिन जैसी महत्वपूर्ण जांचें मौके पर ही की जाती हैं।अनुभवी डॉक्टरों द्वारा चिकित्सा सलाह के साथ-साथ मुफ्त दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं।

*​नियोजित व्यवस्था और मुनादी से सूचना*

​प्रशासन द्वारा कैंप लगाने की तिथि और स्थान एक माह पूर्व ही निर्धारित कर लिया जाता है। ग्रामीणों को समय पर सूचना मिले, इसके लिए गांव-गांव में मुनादी (ढोल बजाकर घोषणा) करवाई जाती है। इससे ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल में लंबी कतारों और परिवहन के सीमित साधनों के कारण पहले हमारा पूरा दिन बर्बाद हो जाता था। अब घर के पास इलाज मिलने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है।

*​परंपरा से आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम*

​इस पहल का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव ग्रामीणों की सोच पर पड़ा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग जो पहले केवल बैगा-गुनिया या पारंपरिक जड़ी-बूटियों पर निर्भर थे, अब उनमें आधुनिक चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास जागा है। लोग अब बीमारियों को छिपाने के बजाय समय पर जांच और इलाज को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • Related Posts

    शहर को सुव्यवस्थित, आधुनिक और जनसुविधाओं से समृद्ध बनाने लगातार किए जा रहे कार्य : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    *वित्त मंत्री ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास*   *सामुदायिक भवन, बाल उद्यान और नाली निर्माण से बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएं*   *अधोसंरचना…

    Read more

    NEET परीक्षा हेतु विद्यार्थियों को मिलेगा निःशुल्क विषय आधारित मार्गदर्शन, 21 मई से शुरू होंगी कक्षाएं

      अम्बिकापुर 19 मई 2026/   जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर द्वारा जिले के ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष निःशुल्क मार्गदर्शन कक्षाओं का संचालन प्रारंभ किया जा रहा है, जो NEET 2026…

    Read more

    NATIONAL

    फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 5 दिनों में दूसरी बढ़ोतरी, जानें आज की कीमत

    फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 5 दिनों में दूसरी बढ़ोतरी, जानें आज की कीमत

    मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का किया आत्मीय स्वागत

    मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का किया आत्मीय स्वागत

    बाजार में लौटी रौनक: सोमवार की बड़ी रिकवरी के बाद आज 400 अंक उछला सेंसेक्स, निफ्टी भी 23,750 के पार

    बाजार में लौटी रौनक: सोमवार की बड़ी रिकवरी के बाद आज 400 अंक उछला सेंसेक्स, निफ्टी भी 23,750 के पार

    लाहौर के सुन्नत नगर-मुस्तफाबाद-खान चौक बने संत नगर-धर्मपुरा-लक्ष्मी चौक, पाकिस्तान में बदले जा रहे नाम, लेकिन क्यों?

    लाहौर के सुन्नत नगर-मुस्तफाबाद-खान चौक बने संत नगर-धर्मपुरा-लक्ष्मी चौक, पाकिस्तान में बदले जा रहे नाम, लेकिन क्यों?

    चोरी करने दो नहीं तो हड़ताल-ये है नगर निगम का हाल;कितना होता है तीन हजार करोड़-स्मार्ट अफसर को सशर्त जमानत, विजय ‘हीरो’ लम्बी छलांग-पर समय कम व्रिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    चोरी करने दो नहीं तो हड़ताल-ये है नगर निगम का हाल;कितना होता है तीन हजार करोड़-स्मार्ट अफसर को सशर्त जमानत, विजय ‘हीरो’ लम्बी छलांग-पर समय कम व्रिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    खाड़ी के 3 नेताओं ने की अपील, तो ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले को टाला, अब बातचीत से समाधान

    खाड़ी के 3 नेताओं ने की अपील, तो ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले को टाला, अब बातचीत से समाधान