Ro no D15139/23

धमतरी के आदिवासी अंचल में 50 वर्ष बाद रबी सीजन में खेती की नई शुरुआत

डांगीमांचा व खिड़कीटोला में 35 एकड़ में रागी की खेती, कृषक पाठशाला का आयोजन
आत्मा योजना से बदली खेती की तस्वीर, उच्चहन क्षेत्र में रागी उत्पादन को बढ़ावा

धमतरी, 12 जनवरी 2026/-  (IMNB NEWS AGENCY) कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि सुधार एवं विस्तार कार्यक्रम “आत्मा” योजनांतर्गत विकासखंड धमतरी के ग्राम डांगीमांचा एवं खिड़कीटोला में कृषकों द्वारा लगभग 35 एकड़ रकबा में लघु धान्य फसल रागी (मिलेट) की खेती की जा रही है। गंगरेल बांध के उच्चहन क्षेत्र में स्थित यह वनाच्छादित एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र अधिक ऊंचाई पर होने के कारण विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाला है, जहां लगभग 50 वर्षों के पश्चात रबी सीजन में पहली बार संगठित रूप से खेती प्रारंभ की गई है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बताया कि “जिले के वनांचल एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लघु धान्य फसलों को बढ़ावा देना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। गंगरेल उच्चहन क्षेत्र में लगभग 50 वर्षों बाद रबी सीजन में रागी की खेती की शुरुआत एक ऐतिहासिक पहल है। आत्मा योजना के माध्यम से कृषकों को आधुनिक तकनीक, SMI पद्धति एवं बीज उत्पादन की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में मिलेट आधारित खेती को और अधिक विस्तार देते हुए किसानों को बाजार से जोड़ने हेतु आवश्यक सभी सहयोग प्रदान किया जाएगा।”
विगत सप्ताह जिले में आयोजित मिलेट महोत्सव के उपरांत आज दिनांक 10 जनवरी 2026 को आत्मा एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम स्तर पर कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत तुमराबहार के सरपंच श्री दीपक राम ध्रुव, श्री फत्ते लाल पटेल (डीपीडी, आत्मा), श्री बी. एस. मंडावी (RAEO), श्री खिलेश कुमार साहू (BTM), श्री छगन साहू (ATM) सहित ग्राम के 40 महिला कृषक एवं 32 पुरुष कृषक उपस्थित रहे।
कृषक पाठशाला में उपस्थित कृषकों को लघु धान्य रागी फसल की SMI (Systematic Millets Intensification) पद्धति से उन्नत खेती, बीज उत्पादन, फसल प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण एवं उत्पादन लागत कम कर अधिक लाभ प्राप्त करने की तकनीकों की विस्तृत एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही रागी फसल के पोषण, स्वास्थ्य लाभ एवं बाजार संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान कृषकों को भविष्य में मिलेट आधारित आजीविका सुदृढ़ीकरण, जलवायु अनुकूल खेती एवं शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया। उपस्थित कृषकों ने क्षेत्र में रागी की खेती के सफल प्रयोग को आगे भी विस्तार देने की सहमति व्यक्त की।

  • Related Posts

    घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग व कालाबाजारी पर जिला प्रशासन की सख्ती

     कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग ने की कार्यवाही 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त रायपुर, 12 मार्च 2026। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार खाद्य विभाग रायपुर के संयुक्त…

    Read more

    *”प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत बच्चों की हुई निःशुल्क हृदय जांच, 1090 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग*

    रायपुर, 12 मार्च 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले…

    Read more

    NATIONAL

    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – 2026 के आने से धर्मांतरण में लगेगी रोक – अंजु गबेल घर वापसी प्रांत प्रमुख

    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – 2026 के आने से धर्मांतरण में लगेगी रोक – अंजु गबेल घर वापसी प्रांत प्रमुख

    बंगाल में सीएनजी की किल्लत से महंगाई की डबल मार, 10 रुपये तक ऑटो का किराया बढ़ाने की मांग

    बंगाल में सीएनजी की किल्लत से महंगाई की डबल मार, 10 रुपये तक ऑटो का किराया बढ़ाने की मांग

    विजय कृष्ण हत्याकांड: भाजपा छोड़ते ही चंदन मंडल की बढ़ी मुश्किलें, एनआइए ने भेजा नोटिस

    विजय कृष्ण हत्याकांड: भाजपा छोड़ते ही चंदन मंडल की बढ़ी मुश्किलें, एनआइए ने भेजा नोटिस

    विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, भारत के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता

    विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, भारत के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता

    राज्यसभा चुनाव: 5वीं सीट पर शह-मात तेज, तेजस्वी से मिले AIMIM अध्यक्ष, आज एनडीए की अहम बैठक

    राज्यसभा चुनाव: 5वीं सीट पर शह-मात तेज, तेजस्वी से मिले AIMIM अध्यक्ष, आज एनडीए की अहम बैठक

    बे-मौसम की बरसात से भारी नुकसान, जानें अगले पांच दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम

    बे-मौसम की बरसात से भारी नुकसान, जानें अगले पांच दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम