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अब एक फोन कॉल पर मिलेगी बाजार और योजनाओं की जानकारी- वन मंत्री  केदार कश्यप

 

13 लाख संग्राहक परिवारों को स्थानीय भाषाओं में मिलेगा आजीविका और बाजार भाव का अपडेट

रायपुर, 08 मई 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार ने वनांचल में रहने वाले वनोपज संग्राहकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से “छत्तीसगढ़ वनोपज संरक्षण वाणी” और आईवीआरएस (IVRS) आधारित सूचना एवं संवाद तंत्र का शुभारंभ किया। यह नवाचार राज्य के 13 लाख से अधिक वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगा। यह डिजिटल कदम छत्तीसगढ़ के वनांचल में आर्थिक क्रांति और जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगा।

*कैसे काम करेगी यह व्यवस्था? (मिस्ड कॉल सेवा)*

संग्राहकों को जानकारी प्राप्त करने के लिए किसी जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। संग्राहकों को टोल फ्री नंबर 9811125813 पर एक मिस्ड कॉल करना होगा। मिस्ड कॉल के बाद 911 से शुरू होने वाले नंबर से उपयोगकर्ता को कॉल बैक आएगा। कॉल रिसीव करते ही संग्राहक अपनी स्थानीय बोलियों जैसे हल्बी, गोंडी आदि में महत्वपूर्ण जानकारियां सुन सकेंगे। जानकारी सुनने के साथ ही उपयोगकर्ता अपनी राय, अनुभव और सुझाव भी रिकॉर्ड कर सकेंगे।

*प्रमुख लाभ और उद्देश्य*

स्थानीय बोलियों को प्राथमिकता के कारण वनांचल की क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी मिलने से सूचनाओं का प्रसार अधिक प्रभावी होगा। जंगल, वनोपज संरक्षण, सतत संग्रहण, बाजार भाव (डंतामज त्ंजमे) और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी सीधे संग्राहकों तक पहुंचेगी। बाजार भाव और मूल्य संवर्धन की सही जानकारी मिलने से बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और संग्राहकों की आय बढ़ेगी। यह केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि संग्राहकों और शासन के बीच संवाद का एक मजबूत मंच बनेगा।

*मंत्री श्री केदार कश्यप का संदेश*

वनोपज संग्राहकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक जानकारी पहुँचाने का यह प्रयास राज्य के लाखों परिवारों के लिए आजीविका का संबल बनेगा। वनोपज संरक्षण वाणी तकनीक और जनसहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

*संचालन और महत्व*

यह पहल छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित, रायपुर द्वारा संचालित की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आईवीआरएस आधारित यह संवाद तंत्र राज्य में वनाधारित आजीविका को संगठित और मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित की ईडी- श्रीमती संजीता गुप्ता, डीजीएम श्री जाधव सागर रामचंद्र, महाप्रबंधक श्री सुबीर कुमार दत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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