
राजनांदगांव 20 अगस्त 2026। पंडित शिव कुमार शास्त्री कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र सुरगी राजनांदगांव द्वारा राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत धामनसरा में 21वें गाजर घास जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया। गाजर घास जागरूकता सप्ताह के दौरान किसानों को गाजर घास की पहचान एवं नियंत्रण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि गाजर घास एक हानिकारक खरपतवार है, जो तेजी से फैलता है। गाजर घास को नियंत्रण करने के लिए फूल आने के पहले उखाड़कर उसका उन्मूलन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त गाजर घास से कम्पोस्ट बनाकर प्रयोग भी किया जा सकता है। रासायनिक निंयत्रण में निंदा नाशक दवा ग्लूकोसाइनेट अमोनियम 13.5. प्रतिशत की 120 मिली प्रति स्प्रेयर की दर से साथ में 100 ग्राम यूरिया घोल कर छिड़काव किया जा सकता है। गाजर घास खरपतवार का समय पर नियंत्रित नहीं करने से फसल ऊपज में 45 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। प्रशिक्षण में खरपतवार नाशी का भण्डारण घोल तैयार करना, मात्रा एवं उपयोग करने का सही समय की के संबंध में जानकारी दी गई। गाजर घास फसलों की पैदावार कम करने के साथ मनुष्यों में त्वचा रोग, एलर्जी एवं श्वास संबंधी बीमारियों और पशुओं में विषाक्तता का कारण बनती है। इस अभियान में चतुर्थ वर्ष (रेडी विद्यार्थियों) ने भाग लिया। इस दौरान शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल धामनसरा के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं तथा ग्रामीणों ने गाजर घास उन्मूलन कार्यक्रम में शामिल हुए। रैली निकालकर ग्रामीणों को गाजर घास से फसलों, मनुष्यों, पशुओं में होने वाले हानिकारक प्रभाव के संबंध में जागरूक किया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता डॉ. विनम्रता जैन, रावे कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. शिवाजी लिमजे, सह प्राध्यापक डॉ. अभय बिसेन, सहायक प्राध्यापक (सस्य विज्ञान) डॉ. संतोष कुमार साहू, ग्राम के सरपंच श्री कृतलाल पटेल सहित अन्य सह प्राध्यापक, शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल धामनसरा शिक्षक, छात्र-छात्राएं, ग्रामीण उपस्थित थे।









