
*साय सरकार की जनकल्याणकारी पहल से सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन की नई शुरुआत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रयासों से आदिवासी परिवार के चेहरे पर लौटी मुस्कान*
रायपुर, 28 जून 2026।
किसी भी परिवार के लिए अपना सुरक्षित और पक्का घर केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं होता, बल्कि वह सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार होता है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम पंचायत पंडरीपानी के निवासी श्री कृष्णा बैगा के जीवन में भी ऐसा ही सुखद परिवर्तन आया है। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाले कृष्णा बैगा का पक्के घर का सपना अब साकार हो चुका है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का आवास मिलने से उनके परिवार के जीवन में खुशियों का नया सवेरा आया है।
श्री कृष्णा बैगा लंबे समय तक अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात आते ही घर की दीवारों में सीलन भर जाती थी, छत से पानी टपकने लगता था और घर में सांप-बिच्छुओं के प्रवेश का खतरा बना रहता था। ऐसे हालात में परिवार की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को लेकर वे हमेशा चिंतित रहते थे। सीमित संसाधनों के कारण स्वयं पक्का घर बनाना उनके लिए संभव नहीं था।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब उनके गांव तक पहुंचा, तब उनके जीवन में परिवर्तन की नई शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन तथा सतत निगरानी में उनका पक्का घर तैयार हो गया। आज उनका परिवार एक सुरक्षित, स्वच्छ, मजबूत और सम्मानजनक आवास में जीवन व्यतीत कर रहा है।
श्री कृष्णा बैगा बताते हैं कि अब बरसात का मौसम उनके लिए चिंता का कारण नहीं रहा। न छत से पानी टपकने की परेशानी है और न ही दीवारों में सीलन की समस्या। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब परिवार को सांप-बिच्छुओं और अन्य खतरों का भय नहीं सताता। पक्का घर मिलने से उनके परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है और उनमें भविष्य के प्रति नया आत्मविश्वास जागा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पक्का घर मिलने से हमारे परिवार का जीवन पूरी तरह बदल गया है। अब हम बिना किसी डर और परेशानी के अपने घर में सुकून और सम्मान के साथ रह रहे हैं। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी और सरकार का हृदय से धन्यवाद करता हूँ।
राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा विशेष रूप से प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों सहित पात्र ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जिला प्रशासन, जनपद पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयासों से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।
साय सरकार का लक्ष्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करना है। इसी उद्देश्य से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निर्माण, पारदर्शिता और सतत निगरानी पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार अपने पक्के घर का सपना साकार कर सके।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को तेजी से लाभान्वित किया जा रहा है। इन योजनाओं ने हजारों ग्रामीण और आदिवासी परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हुए उन्हें सुरक्षित आवास, सम्मान और बेहतर भविष्य का विश्वास दिया है।
कृष्णा बैगा की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से धरातल पर पहुंचती हैं, तो वे केवल घर नहीं बनातीं, बल्कि लोगों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों की मजबूत नींव भी रखती हैं।
[6/28, 6:19 PM] Dipak Yadav Pro: *तिलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सशक्त पहल, कोटमीकला के किसानों को मिला उन्नत मूंगफली बीज*
*राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना के तहत 25 किसानों को वितरित किए गए गुणवत्तायुक्त बीज, आधुनिक खेती की तकनीकों का भी दिया गया प्रशिक्षण*
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर कृषि को मिल रहा नया संबल*
रायपुर, 28 जून 2026। किसानों की आय बढ़ाने, तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि करने और देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जीपीएम जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम कोटमीकला में भारत सरकार की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) योजना के अंतर्गत चयनित किसानों को उन्नत किस्म के मूंगफली बीज वितरित किए गए। यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। कृषि विभाग किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से तिलहनी फसलों के रकबे और उत्पादकता में वृद्धि कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्राम कोटमीकला में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अमित कुमार तंवर, कृषि विकास अधिकारी मधुसूदन, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच भंवर सिंह अर्मो की उपस्थिति में योजना के अंतर्गत 10 हेक्टेयर प्रदर्शन रकबे के लिए चयनित 25 किसानों को उन्नत गुणवत्ता के मूंगफली बीज वितरित किए गए। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्रमाणित एवं उन्नत बीजों के उपयोग से उत्पादन बढ़ने के साथ फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बीज उपचार, समय पर बुआई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल की वैज्ञानिक देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने तथा विभागीय सलाह का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिससे उत्पादन लागत कम हो और अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से किसानों को केवल बीज उपलब्ध कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से जोड़कर तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाना और खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करना भी प्राथमिकता है। प्रदर्शन आधारित खेती से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे और क्षेत्र में मूंगफली सहित तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ेगा।
कार्यक्रम में किसानों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तायुक्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से खेती अधिक लाभकारी बनेगी। कृषि विभाग ने सभी किसानों से शासन की कृषि हितैषी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने, उन्नत तकनीकों को अपनाने तथा तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि कर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया। राज्य सरकार और कृषि विभाग की ऐसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों के जीवन में समृद्धि का नया अध्याय लिख रही है।









