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सड़क बनी विकास की राह : एंचोडा के ग्रामीणों को मिली आवागमन की बड़ी राहत

*वर्षों की परेशानी हुई दूर*

 

रायपुर, 13 जून 2026 ( बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत एल-051 टी-05 से एंचोडा तक निर्मित 8.50 किलोमीटर सड़क ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। वर्ष 2018-19 में स्वीकृत इस परियोजना के तहत 8.50 किलोमीटर मिट्टीकरण एवं मुरूमीकरण सड़क तथा 4 पुलियों का निर्माण किया गया है। कार्य अंतिम चरण में है और इसके जून माह में पूर्ण होने की संभावना है।

 

*पहले पगडंडियों और कच्चे रास्तों का था सहारा*

 

सड़क निर्माण से पहले एंचोडा और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन के लिए पगडंडियों, जंगल के रास्तों और कच्चे मार्गों पर निर्भर रहना पड़ता था। बरसात के मौसम में कीचड़ और जलभराव के कारण स्थिति और अधिक कठिन हो जाती थी।

 

स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने में परेशानी होती थी। मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना चुनौतीपूर्ण था। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने और आवश्यक सामग्री लाने में अतिरिक्त समय और खर्च करना पड़ता था। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी गांव तक पहुंचने में कठिनाई होती थी।

 

*सड़क बनने से बदली गांव की तस्वीर*

 

नई सड़क बनने के बाद एंचोडा का संपर्क मुख्य मार्ग, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र और विकासखंड मुख्यालय से सीधे जुड़ गया है। अब ग्रामीण कम समय में अपनी आवश्यकताओं के लिए मुख्यालय तक पहुंच पा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्कूल जाना आसान हुआ है, किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल रही है और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो पा रही हैं।

 

*किसानों और ग्रामीणों को मिल रहा सीधा लाभ*

 

सड़क निर्माण का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिला है। अब वे अपनी फसल और अन्य कृषि उत्पाद आसानी से बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं। परिवहन लागत कम हुई है और समय की बचत भी हो रही है। राशन, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और अन्य आवश्यक सेवाएं भी अब पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो गई हैं।

 

*विकास को मिली नई गति*

 

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिली है। शासन-प्रशासन की पहुंच बढ़ने से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। एंचोडा तक पहुंची यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि यह गांव के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि की नई राह बन गई है। यह परियोजना ग्रामीण अधोसंरचना विकास के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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