
राजनांदगांव 22 अगस्त 2026। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आगामी रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित बने खाबो-बने रहिबो 2.0 के तहत 17 से 23 अगस्त 2026 तक सात दिवसीय सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान अंतर्गत राजनांदगांव जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण एवं नमूना संकलन की कार्रवाई निरंतर जारी है। अभियान के दौरान जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का जोखिम आधारित निरीक्षण किया जा रहा है और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण एवं भंडारण की स्थिति, प्रयुक्त कच्ची सामग्री, खाद्य लाइसेंस व पंजीयन, लेबलिंग, खाद्य पदार्थों के स्रोत तथा आपूर्ति श्रृंखला की जांच की जा रही है।
*राजनांदगांव एवं डोंगरगांव क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण*
सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा विभिन्न मिठाई दुकानों, खाद्य प्रतिष्ठानों, होटल एवं रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया। राजनांदगांव शहर में जैन स्वीट्स हलवाई लाइन तथा सिमरन ट्रेडर्स का निरीक्षण किया गया। इसी क्रम में शिवम खजानी गोलबाजार राजनांदगांव से सोनपापड़ी, बर्फी एवं पेड़ा के नमूने जांच हेतु संकलित किए गए। राधेश्याम पीपरमेंट नंदई चौक से कलाजामुन का नमूना लिया गया। वहीं कान्हा डेयरी से दूध तथा अग्रवाल टी कंपनी से चॉकलेट का नमूना जांच हेतु संकलित किया गया। डोंगरगांव क्षेत्र में बीकानेर स्वीट्स डोंगरगांव का निरीक्षण कर सोनपपड़ी, चमचम एवं कलाकंद के नमूने संकलित किए गए। इसी प्रकार न्यू योगेश डोसा डोंगरगांव का निरीक्षण कर प्रतिष्ठान में तलने हेतु उपयोग किए जा रहे खाद्य तेल के साथ-साथ कुंदा, खोवा एवं चमचम के नमूने भी जांच के लिए संकलित किए गए। इसके अतिरिक्त ए-वन ढाबा पैरी-डोंगरगांव रोड का निरीक्षण कर उपयोग किए जा रहे पनीर का नमूना संकलित किया गया। अभियान के दौरान सबरस रेस्टोरेंट एवं नीलम की रसोई बसंतपुर का भी निरीक्षण किया गया तथा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
*मिठाई एवं डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता एवं रेस्टोरेंट पर विशेष निगरानी*
सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान के दौरान विशेष रूप से मावा व खोवा, पनीर, दूध, घी, क्रीम, मक्खन, चॉकलेट, मिठाइयों एवं खाद्य तेल अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। खाद्य प्रतिष्ठानों में प्रयुक्त कच्ची सामग्री के स्रोत, उसकी गुणवत्ता तथा उपलब्ध अभिलेखों की भी जांच की जा रही है। विशेष रूप से ऐसे खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है, जिनमें दूध या दुग्ध उत्पाद के नाम पर गैर-दुग्ध सामग्री अथवा वनस्पति वसा व तेल का उपयोग किए जाने की संभावना हो। खाद्य पदार्थ की वास्तविक प्रकृति, प्रयुक्त अवयव, लेबलिंग एवं उसके प्रस्तुतीकरण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
*मिठाइयों की वास्तविक प्रकृति एवं स्रोत की जांच*
अभियान अंतर्गत बिना उचित लेबल, भ्रामक नाम अथवा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले प्रस्तुतीकरण के साथ विक्रय की जा रही मिठाइयों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। निरीक्षण के दौरान किसी प्रतिष्ठान में संदिग्ध खाद्य पदार्थ पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रतिष्ठान में उपलब्ध बिल, इनवॉइस, सप्लायर विवरण एवं अन्य अभिलेखों के आधार पर खाद्य पदार्थ के निर्माता, थोक विक्रेता एवं वितरक तक उसकी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने (सोर्स ट्रेसिंग) का प्रयास किया जाएगा।
*प्रयोगशाला जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई*
अभियान के दौरान संकलित खाद्य नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण हेतु अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से प्राप्त विश्लेषण रिपोर्ट एवं निरीक्षण के दौरान उपलब्ध तथ्यों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों व विनियमों और लागू प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य केवल नमूना संकलन तक सीमित नहीं है। बल्कि मिलावटी, अमानक, मिथ्याछाप, भ्रामक रूप से प्रस्तुत अथवा असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।
*खाद्य कारोबारियों से अपील*
खाद्य एवं औषधि प्रशासन राजनांदगांव द्वारा जिले के समस्त खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने, खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय में गुणवत्तापूर्ण कच्ची सामग्री का उपयोग करने, वैध खाद्य लाइसेंसव पंजीयन रखने, निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन करने तथा खाद्य पदार्थों की खरीद के बिल एवं स्रोत संबंधी अभिलेख सुरक्षित रखने की अपील की गई है। खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थ की वास्तविक प्रकृति के अनुरूप ही उसका नाम, लेबल एवं प्रस्तुतीकरण किया जाए तथा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले नाम, दावे या प्रस्तुतीकरण का उपयोग नहीं किया जाए।
*नागरिकों से सहयोग की अपील*
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा नागरिकों से त्योहारों के दौरान मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबल एवं वास्तविक प्रकृति पर ध्यान देने तथा अत्यधिक संदिग्ध, बिना आवश्यक जानकारी वाले अथवा भ्रामक नाम व प्रस्तुतीकरण के साथ विक्रय किए जा रहे खाद्य पदार्थों के संबंध में विभाग को जानकारी देकर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करने की अपील की गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन राजनांदगांव द्वारा बने खाबो-बने रहिबो 2.0 अभियान अंतर्गत जिले में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी तथा त्योहारी सीजन के दौरान नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकतानुसार आगे भी निरीक्षण, नमूना संकलन, सोर्स ट्रेसिंग एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।








