
Operation Bulldozer: कोलकाता. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की तर्ज पर अब कोलकाता में भी अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गयी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कड़े निर्देश के कुछ ही घंटों के भीतर तिलजला इलाके में अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाया गया. बताया जा रहा है कि भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने शहरभर में फैले अवैध निर्माणों के खिलाफ ””जीरो टॉलरेंस”” नीति अपनायी है. तिलजला स्थित चमड़ा कारखाने के स्टोर रूम में लगी भीषण आग में दो लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने सभी अवैध इमारतों को 24 घंटे के भीतर गिराने का निर्देश दिया था.
खास बिंदू
- -तिलजला में केएमसी-केएमडीए का संयुक्त अभियान, भारी पुलिस बल तैनात
- -विरोध करने पहुंचे लोगों को पुलिस ने मौके से हटाया
- -रैफ व केंद्रीय बलों की निगरानी में शुरू हुई कार्रवाई
- -चमड़ा कारखाने में आग लगने से दो श्रमिकों की मौत के बाद लिया गया फैसला
पूरे इलाके को छावनी में बदला गया
बुधवार शाम जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, कुछ स्थानीय लोगों ने इसे रोकने की कोशिश की. हालांकि पुलिस ने तुरंत उन्हें वहां से हटा दिया. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की गयी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया. इलाके में कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए कोलकाता पुलिस की रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को तैनात किया गया. खबर लिखे जाने तक बुलडोजर लगातार अवैध हिस्सों को तोड़ने में जुटे थे.
आग की घटना के बाद खुली अवैध निर्माण की पोल
मंगलवार को तपसिया थाना क्षेत्र के तिलजला रोड स्थित जीजे खान रोड पर एक चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर बने चमड़ा कारखाने के स्टोर रूम में भीषण आग लग गयी थी. आग लगने के बाद धुएं का दम घुटने से दो श्रमिकों की मौत हो गयी थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये थे. घटना के बाद राज्य सरकार ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट मांगी थी.
जांच में सामने आयी बड़ी लापरवाही
बुधवार को सौंपी गयी जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जिस इमारत में आग लगी थी वह पूरी तरह अवैध थी और उसके पास कोई वैध बिल्डिंग प्लान नहीं था. इसके अलावा भवन में आग से सुरक्षा के लिए जरूरी बुनियादी इंतजाम भी मौजूद नहीं थे. इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अवैध इमारत को तत्काल गिराने का आदेश जारी किया, जिसके बाद प्रशासन ने अभियान शुरू कर दिया.









