
रायपुर, । युवा (Youth Unity for Voluntary Action) नॉन-प्रॉफिट कोचिंग, रायपुर द्वारा रविवार को आयोजित “Sunday Special Class” में ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ इंजी. शैलेन्द्र शुक्ला, चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर, ICON Solar Ltd., पूर्व CEO, CREDA एवं पूर्व चेयरमैन, CSEB ने विद्यार्थियों को “The Future of Energy in India: From Conventional Power to Renewable Energy” विषय पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में श्री शुक्ला ने भारत के बदलते ऊर्जा परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा करते हुए ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation) को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपलब्ध ऊर्जा का विवेकपूर्ण एवं दक्ष उपयोग भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में ऊर्जा बचत की आदतें अपनाने तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने अक्षय ऊर्जा एवं स्वरोजगार की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें युवाओं के लिए रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित न रहकर अपनी योग्यता और रुचि के अनुरूप उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए।
श्री शुक्ला ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एथेनॉल के उपयोग से पेट्रोलियम आयात पर देश की निर्भरता कम करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रभावी प्रयासों से देश को प्रतिवर्ष लगभग ₹2 लाख करोड़ की बचत की संभावना है। साथ ही यह किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने पैशन (Passion) को पहचानकर उसे पूरी लगन और निरंतरता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से बदलती तकनीक, ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे नवाचार तथा नए अवसरों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ऊर्जा क्षेत्र, सौर ऊर्जा, स्वरोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं से संबंधित प्रश्न भी पूछे, जिनका श्री शुक्ला ने अपने लंबे प्रशासनिक एवं तकनीकी अनुभव के आधार पर मार्गदर्शन करते हुए उत्तर दिया।








