
छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ जो कि पूरे प्रदेश के 33 जिलों के बजट स्कूलों का प्रतिनिधित्व करता है शासन से लगातार मांग कर रहा था कि छत्तीसगढ़ बोर्ड से संबंधित सभी निजी विद्यालय में केंद्रीकृत पांचवी आठवीं बोर्ड परीक्षा अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। यहां तक की अशासकीय विद्यालय संचालक संघ छत्तीसगढ़ की मांग है कि पांचवी आठवीं बोर्ड परीक्षा में पूर्ववत पास फेल की पद्धति वापस लागू की जाए।
केंद्र सरकार के द्वारा 2024 में राज्य सरकारों को निर्देशित किया था की पांचवी आठवीं बोर्ड परीक्षा लागू की जाए इस संबंध में विगत वर्ष छत्तीसगढ़ शासन ने केंद्रीय कृत पांचवीं आठवीं बोर्ड परीक्षा प्रारंभ की । परंतु व्यवसायिक प्राइवेट स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाला तथाकथित प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के द्वारा शासन के विरुद्ध हाई कोर्ट में जाकर इस परीक्षा को समय प सूचना न देने के आधार पर निजी विद्यालयों के लिए परीक्षा को ऐच्छिक करवा दिया और वर्तमान सत्र में भी यह संगठन फिर से पांचवी आठवीं बोर्ड परीक्षा को निरस्त करने की मांग कर रहा था ।
माननीय उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी और यह आदेशित किया कि सीजी बोर्ड एवं जिला शिक्षा अधिकारी से अनुमति प्राप्त सभी निजी विद्यालय में केंद्रीयकृत पांचवी आठवीं की बोर्ड होगी।इस आदेश से अब छत्तीसगढ़ में शिक्षा का स्तर निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा और विद्यार्थियों पालकों और शिक्षकों में भी जागरूकता केंद्रीयकृत पांचवी आठवीं बोर्ड परीक्षा के प्रति आएगी।
इस आदेश से सबसे ज्यादा प्रभावित वे व्यावसायिक स्कूल होंगे जो अपने एक स्कूल को तो सीबीएसई बोर्ड से मान्यता करवा लेते हैं मगर उसकी आड़ में 20 से 25 ब्रांच चालू कर विद्यार्थियों का अनावश्यक आर्थिक शोषण करते हैं। हमारा संगठन ऐसे विद्यालयों पर सख्त कार्यवाही करने का शासन से अनुरोध करता है।
उपरोक्त विज्ञप्ति प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी एवं महासचिव मनोज पाण्डेय ने जारी की।








