Ro no D15139/23

मैनपाट के ग्रामीणों की मौत मामले में नहीं पाए गए पीलिया एवं हेपेटाइटिस के लक्षण

*स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आए अलग-अलग कारण*

 

*संयुक्त दल ने किया प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण, किसी भी गांव में सामूहिक संक्रमण के प्रमाण नहीं मिले*

 

रायपुर, 06 जून 2026/ विकासखंड मैनपाट में पीलिया से पांच लोगों की मृत्यु होने संबंधी जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सभी मृतकों की मृत्यु के कारण अलग-अलग थे तथा इन्हें सामूहिक रूप से पीलिया या जलजनित संक्रमण से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है।

 

संयुक्त दल द्वारा मृतकों के परिजनों से चर्चा, वर्बल ऑटोप्सी, संभावित मरीजों की स्वास्थ्य जांच तथा पेयजल स्रोतों का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि ग्राम कुनिया निवासी जितेन्द्र यादव की मृत्यु अस्पताल की रिपोर्ट एवं वर्बल ऑटोप्सी के अनुसार सेप्टिक शॉक (एमओडीएस) के कारण हुई थी। वहीं ग्राम बरिमा निवासी श्रीमती भगवती यादव में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई थी, जबकि रायपुर स्थित चिकित्सकीय संस्थानों की रिपोर्ट में उनकी मृत्यु का कारण यकृत संबंधी जटिलताएं एवं कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया है।

 

इसी प्रकार ग्राम बरिमा के विकास यादव की मृत्यु के संबंध में प्राप्त चिकित्सकीय रिपोर्टों में अलग-अलग चिकित्सकीय कारणों का उल्लेख है। वहीं ग्राम नर्मदापुर निवासी विकास यादव को हेपेटाइटिस नहीं था तथा वे बचपन से सिकल सेल रोग से पीड़ित थे। रायपुर में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई। ग्राम केसरा निवासी आकांक्षा यादव भी हेपेटाइटिस से प्रभावित नहीं थीं। वे लंबे समय से टीबी एवं श्वसन संबंधी बीमारी से पीड़ित थीं तथा उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई।

 

जांच दल ने बताया कि सभी मृतक अलग-अलग गांवों एवं पारों के निवासी थे, जिनके बीच लगभग 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है। स्वास्थ्य अमले द्वारा मृतकों के परिवारों एवं आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने पर किसी अन्य सदस्य में पीलिया अथवा हेपेटाइटिस के लक्षण नहीं पाए गए। इससे जल स्रोतों के माध्यम से किसी सामूहिक संक्रमण की पुष्टि नहीं होती है।

 

एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है। साथ ही आवश्यक दवाइयों का वितरण एवं पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें।

  • Related Posts

    विशेष लेख , तिहारू भी जान गया है, क्या है सुराज सुशासन तिहार – जनविश्वास, जनकल्याण और विकास की नई पहचान

      छगन लाल लोन्हारे संयुक्त संचालक, जनसंपर्क रायपुर, 23 अगस्त 2026/ सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ शासन की एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य गाँवों और शहरों के द्वार पर पहुंचकर आम…

    Read more

    छत्तीसगढ़ के कण-कण में विराजमान हैं देवाधिदेव महादेव, प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

        *मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सपत्नीक शिव महापुराण कथा में हुए शामिल, व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की* *पांच शक्तिपीठों का चारधाम की तर्ज पर हो…

    Read more

    NATIONAL

    भाजपा की नव नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री सहित भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए

    भाजपा की नव नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री सहित भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए

    रावलपिंडी में 6 महीने के लिए तैनात हुई पाकिस्तानी सेना, मुनीर ने ताकत मिलते ही लिया फैसला; GHQ बना किला

    रावलपिंडी में 6 महीने के लिए तैनात हुई पाकिस्तानी सेना, मुनीर ने ताकत मिलते ही लिया फैसला; GHQ बना किला

    अमेरिका पीछे हटा तो कौन भरेगा खाली जगह? सऊदी अरब के नए सुरक्षा प्लान को समझिए

    अमेरिका पीछे हटा तो कौन भरेगा खाली जगह? सऊदी अरब के नए सुरक्षा प्लान को समझिए

    भारत में विदेशी पर्यटक क्यों नहीं आ रहे? थाईलैंड-वियतनाम से पीछे रहने की 3 बड़ी वजहें

    भारत में विदेशी पर्यटक क्यों नहीं आ रहे? थाईलैंड-वियतनाम से पीछे रहने की 3 बड़ी वजहें

    BJP छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने कहा- मकान मालिक 1 तारीख को मांगता है किराया

    BJP छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने कहा- मकान मालिक 1 तारीख को मांगता है किराया

    माता सीता की रक्षा एक तिनके से

    माता सीता की रक्षा एक तिनके से