
अंतागढ़। नगर पंचायत अंतागढ़ के नेता प्रतिपक्ष राकेश गुप्ता (मंटूल) ने भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को निराशाजनक बताते हुए इसे जनहित के खिलाफ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में नगरीय निकायों की अनदेखी की गई है, जिससे नगर पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित होंगे। राकेश गुप्ता ने कहा कि नगर पंचायत को पूर्व में लगभग तीन करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाता था, जिसे घटाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने इसे विकास कार्यों में कटौती बताते हुए कहा कि इससे मूलभूत सुविधाओं और अधोसंरचना विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पार्षद निधि, जो पहले एकमुश्त तीन लाख रुपये दी जाती थी, उसे अब दो किस्तों में कर दिया गया है। नगर पंचायत चुनाव के समय की अंतिम किस्त का भुगतान अब तक नहीं किए जाने को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इससे पार्षदों को अपने वार्डों में विकास कार्य कराने में कठिनाई हो रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा,
“स्थानीय विधायक और सांसद होने के बावजूद नगर पंचायत की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। बजट में नगरीय निकायों के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि नगर पंचायतों के लिए पूर्ववत बजट बहाल किया जाए तथा लंबित पार्षद निधि का भुगतान शीघ्र किया जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। राकेश गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि नगर पंचायत की उपेक्षा जारी रही तो विपक्ष जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगा।









