
बदलते मौसम के कारण बुखार से पीड़ित झण्डू वाॅक के लिये आते नहीं थे तो बण्डू भी बाहर नहीं निकलते थे।
सप्ताह भर के विछोह के बाद दोनों दोस्त मिले तो राहुल गांधी का ताजा बयान सामने था। इनकी चर्चा का प्रमुख पात्र राहुल गांधी फिर से चर्चा में है।
झण्डू बोले-‘चुनाव आयोग से राहुल गांधी को काफी शिकायतें हैं। बेहद नाराज हैं।राहुल ने बयान दिया है कि ‘इलेक्शन कमीशन वोटों की चोरी में इन्वाॅल्व है। हमारे पास सबूत हैं।
सौ प्रतिशत प्रूफ के साथ बोल रहा हूं। रिलीज करते ही देश को पता चल जाएगा।
हमने इन्वेस्टिगेशन करवाया है। जो हमको मिला है वो एटम बम है। उन्होंने ंसंसद के बाहर कहा कि मेरे पास एटम बम है। जब ये फूटेगा तो इलेक्शन कमीशन दिखेगा नहीं। एटम बम है। फूटेगा तो इलेक्शन कमीशन दिखेगा नहीं हिंदुस्तान में’।
झण्डू की बात पर बण्डू ने जोर का ठहाका लगाया और बोले -‘एटम बम है राहुल के पास। याद है एक बार उन्होंने बयान दिया था कि जब मैं संसद में बोलूंगा तो भूकम्प आ जाएगा।
लगभग 8 साल पहले उनके इस भूकम्प वाले बयान पर शरद पवार ने चुटकी ली थी कि अगर भूकम्प आ जाता तो हम संसद से बाहर कैसे निकलते। चुंकि भूकम्प नहीं आया तो हम अब सुकून से सो सकते हैं’।
बण्डू ने हंसते-हंसते कहा – ‘बेचारे शरद पवार एक बार फिर घबरा रहे होंगे कि अगर एटम बम फटा तो क्या होगा। लेकिन ये सोचकर सुकून से हैं कि वे संसद में नही हैं। लिहाजा उन्हें कोई खतरा नहीं है।
झण्डू ने कहा – आगे तो सुनो राहुल गांधी ने कहा ‘और एक बात जो बहुत जरूरी है।’,यानि जो बहुत जरूरी बात थी वो इतनी जरूरी थी कि वे भूल गये थे बोलना।
याद आया तो बोले कि ‘बहुत सीरियसली बोल रहा हूं कि इलेक्शन कमीशन में जो भी ये काम कर रहे हैं हम उनको छोड़ेंगे नहीं। आप जो भी हों। रिटायर्ड हों, कहीं भी हों हम आपको ढूंढ निकालेंगे’, हम आपको छोड़ेंगे नहीं’।
इस बात पर झण्डू सीरियस हो गये और बोले ‘अपने बड़बोलेपन की वजह से राहुल गांधी पहले भी कई बार मुकदमें झेल चुके हैं, माफी मांग चुके हैं। अबकी किसी ने आयोग को धमकाने के लिये मामला दायर कर दिया तो फिर लपेटे में आ जाएंगे।
वैसे भी पहले से अदालत की तलवार लटक रही है सर पर। जाने कब जेल से बुलावा आ जाए’।
झण्डू-बण्डू ने इस वार्ता के बड़े मजे लिये और एटम बम के डर से जल्दी-जल्दी घर को चल दिये….. हंसते…हंसते….

जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700
‘बिना छेड़छाड़ के लेख का प्रकाशन किया जा सकता है’








