Ro no D15139/23

प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को गहराई से समझने के लिये उन्हें उज्जैन के सांदिपनी आश्रम अवश्य आना चाहिए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा पर महर्षि सांदीपनि आश्रम में श्रद्धा समारोह में हुए शामिल

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तीन पुस्तकों का किया विमोचन

 

भोपाल (IMNB NEWS AGENCY)

 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर में आयोजित “गुरु परंपरा का लोकपर्व श्रद्धा समारोह” में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय ज्ञान परंपरा और सांदीपनि आश्रम की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पूरे विश्व में यदि किसी को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को गहराई से समझना हो तो उन्हें उज्जैन के सांदिपनी आश्रम अवश्य आना चाहिए। भारतीय परंपरा में गुरु को ईश्वर से भी ऊपर माना गया है, और उज्जैन तो वह नगर है जहां स्वयं ईश्वर शिक्षा ग्रहण करने आए थे। महर्षि सांदीपनि ने जो विद्या श्री कृष्ण को दी, इसी कारण से वे जगतगुरु बने। हमारे अतीत की गौरवशाली परंपरा को संजोकर आगे ले जाने का काम सरकार कर रही है। आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व के तहत उज्जैन के साहित्य, कला और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को पूरा किया जा रहा है। उज्जैन में सभी धर्मों के लोग मिलकर विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपनी ओर से सभी को गुरु पूर्णिमा पर्व की शुभकामनाएं दीं।

 

विधायक श्री अनिल जैन कालुहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में उज्जैन को निरंतर विकास कार्यों की सौगातें मिल रही हैं। शीघ्र ही यहां सांदीपनि लोक, काल भैरव लोक भी बनाया जाएगा। इसके अलावा उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा का विश्वविद्यालय बनाए जाने की भी योजना है। उन्होंने आमजन की ओर से मुख्यमंत्री डॉ यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर सबसे पहले महर्षि सांदीपनि गुरुदेव की पूजा अर्चना एवं आरती की। कुण्डेश्वर महादेव व सर्वेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा “महर्षि गुरु सांदीपनि, स्वयं के द्वारा लिखित” महर्षि सांदीपनि भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पी एवं ” सर्वांग” पुस्तक का विमोचन किया तथा वेदपाठियों को श्रीमद्भगवद्गीता पुस्तक का वितरण भी किया।

 

कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग और त्रिवेणी संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में भक्ति गायन एवं नाट्य प्रस्तुति “गुरु दत्तात्रेय की पाठशाला” भी प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, श्री संजय अग्रवाल, एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • Related Posts

    गुरूकुल परम्परा और नवीन तकनीक से गढ़ेंगे भविष्य का मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उज्जैन में खुलेगी धन्वंतरी मेडिकल यूनिवर्सिटी गुरू पूर्णिमा पर उज्जैन से हुआ प्रदेश में नए शैक्षणिक युग का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 1000 प्राथमिक शिक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र एआई पर…

    Read more

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में “गुरु पूर्णिमा महोत्सव” पर सांदीपनि अलंकरण समारोह उज्जैन में 29 जुलाई को

    माधव विज्ञान महाविद्यालय में होगा आयोजन   भोपाल IMNB NEWS AGENCY   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर 29 जुलाई को उज्जैन के माधव…

    Read more

    NATIONAL

    Parliament Session Live : संसद में आज अमित शाह लाएंगे जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़ा नया बिल

    Parliament Session Live : संसद में आज अमित शाह लाएंगे जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़ा नया बिल

    Parliament Session Live : आज लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर होगी चर्चा, सरकार और विपक्ष आमने-सामने

    Parliament Session Live : आज लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर होगी चर्चा, सरकार और विपक्ष आमने-सामने

    यूपी में माफिया सिर उठाएगा तो उसकी जगह जेल या जहन्नुम में होगी, मैनपुरी से सीएम योगी दी चेतावनी

    यूपी में माफिया सिर उठाएगा तो उसकी जगह जेल या जहन्नुम में होगी, मैनपुरी से सीएम योगी दी चेतावनी

    CJP मार्च विवाद : राहुल गांधी का अमित शाह से सवाल- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?

    CJP मार्च विवाद : राहुल गांधी का अमित शाह से सवाल- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?

    VIDEO जंतरमंतर का सच,सनातन को गाली,

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए