
जिले में धान उपार्जन केन्द्रों में चल रही पारदर्शी और सुगम व्यवस्था का लाभ किसानों तक सीधे पहुंच रहा है। अंबिकापुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत खाला के किसान बैजनाथ सिंह ने बताया कि इस बार धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी सरल और सुविधाजनक हो गई है।
उन्होंने बताया कि उनका रकबा 160 क्विंटल धान का है। विक्रय के लिए उन्होंने पहला 80 क्विंटल का टोकन उपार्जन समिति से कटवाया, जिसकी प्रक्रिया पूरी तरह सहज रही और किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
बैजनाथ ने बताया कि करजी उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही समिति कर्मचारियों ने सहयोग किया। धान का नमी परीक्षण तुरंत किया गया और उसके बाद बारदाना भी समय पर उपलब्ध कराया गया। तौल प्रक्रिया भी पूरी पारदर्शिता से की गई, जिससे किसानों का भरोसा और बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का मूल्य मिल रहा है, जो किसानों के लिए बड़ी राहत और प्रोत्साहन है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
किसान बैजनाथ बताते हैं कि प्राप्त राशि से वे खेती का दायरा बढ़ाने और बच्चों को उच्च शिक्षा देने में उपयोग कर रहे हैं।
जिला प्रशासन द्वारा धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए किए गए प्रबंधन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि व्यवस्था पूरी तरह संतोषजनक है और धान खरीदी व्यवस्था से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है।









