
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत जिले में आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा जल संरक्षण के कार्यों को बढावा देने के उद्देश्य से वाटरशेड के अनुसार जीआईएस एवं क्लार्ट एप का उपयोग कर उपर्युक्त स्थल पर कार्य को चिन्हाकित कर आजीविका डबरी निर्माण कार्यों की स्वीकृति की जा रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय अग्रवाल ने बताया कि जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए जिले में बड़े पैमाने पर आजीविका डबरियों का निर्माण किया जा रहा है। इन डबरियों का उद्देश्य केवल जल संचयन तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से ग्रामीण परिवारों की बहुआयामी आजीविका सुनिश्चित करना भी है। डबरी निर्माण से हितग्राही मछली पालन तथा सिंचाई सुविधा का लाभ लेकर अपनी आजीविका को बढ़ा रहे हैं। सीईओ श्री अग्रवाल ने बताया कि जिले में वर्तमान में 274 हितग्राहियों को डबरी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें अंबिकापुर में 36, लखनपुर में 27, बतौली में 31, उदयपुर में 45, मैनपाट में 50, सीतापुर में 63, लंड्रा में 22 डबरी निर्माण के कार्य की स्वीकृति प्राप्त है। अधिकांश स्थानों पर कार्य प्रारंभ हो गए हैं, इसके अतिरिक्त योजना अंतर्गत बोल्डर चेक डेम,नवीन आंगनबाड़ी भवन, नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण कार्य प्रमुखता से किए जा रहे हैं।







