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वनांचल क्षेत्र औंधी में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मोनिका मंडावी के घर लगा पहला सौर संयंत्र, राजनांदगांव के ग्राम लिटिया में श्रीमती प्रीति वर्मा के घर का बिजली बिल हुआ जीरो

 प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की चमक मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में जिले के अंतिम छोर में बसे ग्राम औंधी में क्षेत्र का पहला सौर संयंत्र   मोनिका मंडावी के घर में स्थापित हुआ है। जिससे वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों में भी इस महत्वकांक्षी योजना को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। साथ ही बड़ी संख्या में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभ लेने के लिए क्षेत्रवासी ऑनलाइन पंजीयन भी करा रहे हैं। ग्राम औंधी निवासी   मोनिका मंडावी ने बताया कि उन्हें समाचार पत्र-पत्रिकाओं, सोषल मीडिया, न्यूज चैनल, मोर बिजली ऐप के माध्यम से के माध्यम से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने ऑनलाइन आवेदन कर वेबसाइट में पंजीकृत वेन्डर को चिन्हाकिंत कर संपर्क किया एवं अपने घर में सिंगल फेज कनेक्शन वाला 5 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया है। जिसकी लागत 2 लाख 70 हजार रुपए है। भारतीय स्टेट बैंक से न्यूनतम ब्याज दर से 02 लाख 70 रुपये की राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने बताया कि पहले बिजली के बिल 2200 से 3000 रुपए तक बिजली बिल आता था। वही गर्मियों में बढ़कर 3500 रूपए से अधिक बिजली का बिल देना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब बिजली के बिल से मुक्ति मिल जायेगी। और अतिरिक्त उत्पादित बिजली को बिजली विभाग को बेच भी पायेंगें। 5 किलोवाट का सोलर प्लांट से प्रतिदिन लगभग 22 से 25 यूनिट बिजली का उत्पादन हो जायेगा। उन्होंने बताया कि अब बिजली बिल से राहत मिली है और बिजली की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बहुत उपयोगी है। इसका लाभ सभी को लेना चाहिए। रूफटॉप सोलर प्लांट पर्यावरण मित्र होने के साथ ही ऊर्जा के संरक्षण की दिशा में उपयोगी है।

राजनांदगांव जिले के ग्राम लिटिया निवासी   प्रीति वर्मा ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से प्रभावित होकर नवंबर 2024 में अपने घर में 06 किलोवाट का रूफटॉप सोलर पैनल लगवाया है। जिससे उनका पिछले एक वर्ष से बिजली का बिल शून्य हो गया है। प्रतिमाह बिजली बिल से मुक्ति मिली है। साथ ही 2900 रुपए का सोलर रिबेट भी प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि घर में बिजली के उपयोग के आधार पर पहले प्रतिमाह 7000 से 10000 रुपए बिजली का बिल आता था। अब यह बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं के घर में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाकर लोगों को प्रोत्साहित कर रहे है। श्रीमती वर्मा ने बताया कि केन्द्र शासन की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उन्होंने अपने घर में 06 किलोवाट का रूफटॉप सोलर पैनल लगवाया है। जिसकी कुल लागत 03 लाख 60 हजार रुपए है। इस योजना का लाभ लेने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपए तथा राज्य शासन द्वारा 30 हजार रुपए की सब्सिडी मिली है। इस प्रकार कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी मिली है। शेष राशि के लिए बैंक फाइनेंस की सुविधा मिली है। बैंक फाइनेंस बहुत ही आसान किस्तों में हुआ है। श्रीमती प्रीति वर्मा ने योजना से लाभान्वित होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घर की छत पर ही ऊर्जा का उत्पादन करने की यह पहल बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में लाभदायक साबित हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रुपए से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर केन्द्र सरकार द्वारा अधिकतम 78 हजार रुपए एवं राज्य शासन द्वारा 30 हजार रुपए तक सब्सिडी का प्रावधान है। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in

या पीएम  सूर्य घर मोबाइल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाइन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 6 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाइन प्रेषित किया जाता है।
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