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UP चुनाव 2027 की तैयारी में भाजपा का मास्टर प्लान, अमित शाह संभालेंगे यूपी की कमान, 61 सीटों पर विशेष फोकस

UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी ने ‘मिशन-2027’ का खाका तैयार कर लिया है. सूत्रों के मुताबिक, इस बार चुनावी रणनीति की कमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संभालेंगे. वह प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों का दौरा कर संगठन की स्थिति, चुनावी समीकरण और कमजोर कड़ियों की समीक्षा करेंगे. भाजपा इस बार चुनावी तैयारी को केवल प्रचार तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि हर विधानसभा सीट के लिए अलग रणनीति तैयार कर रही है. पार्टी ने 2022 विधानसभा चुनाव के नतीजों, मौजूदा राजनीतिक माहौल और स्थानीय समीकरणों के आधार पर सीटों का विश्लेषण शुरू कर दिया है.

61 सीटों पर भाजपा की विशेष नजर

भाजपा की सबसे ज्यादा नजर उन 61 विधानसभा सीटों पर है, जहां पार्टी पिछले तीन चुनावों में जीत दर्ज नहीं कर सकी है. इन सीटों पर बूथ प्रबंधन से लेकर उम्मीदवार चयन तक नए सिरे से मंथन किया जाएगा. पार्टी इन क्षेत्रों में जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दों, संगठन की सक्रियता और संभावित उम्मीदवारों की लोकप्रियता का सर्वे कराएगी. लक्ष्य है कि कमजोर सीटों पर चुनाव से पहले संगठन को मजबूत किया जाए.

टिकट के लिए इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा

पिछले चुनावों का प्रदर्शन जीत या हार का अंतर बूथ स्तर पर पकड़ संगठन में सक्रियता स्थानीय जनता में छवि चुनाव जीतने की संभावना राम मंदिर मुद्दे पर भी नजर भाजपा की चुनावी रणनीति में अयोध्या भी अहम मुद्दा बना हुआ है. राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद और जांच को लेकर पार्टी संगठन स्तर पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है. पार्टी श्रद्धालुओं के बीच विश्वास बनाए रखने और मंदिर व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों को भी गंभीरता से देख रही है.

चार श्रेणियों में बांटी गईं विधानसभा सीटें

A कैटेगरी: ऐसी सीटें जहां भाजपा लगातार मजबूत स्थिति में रही है और लगातार चुनाव जीतती आई है.

B कैटेगरी: वे सीटें जहां भाजपा जीत तो रही है, लेकिन जीत का अंतर काफी कम रहा है. इन सीटों पर संगठन को और मजबूत करने की तैयारी है.

C कैटेगरी: ऐसी सीटें जहां भाजपा को लगातार दो चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है या मुकाबला बेहद करीबी रहा है.

D कैटेगरी: वे सीटें जिन्हें विपक्ष का मजबूत गढ़ माना जाता है. इन सीटों के लिए भाजपा अलग रणनीति तैयार कर रही है.

छह संगठनात्मक क्षेत्रों का दौरा करेंगे अमित शाह

भाजपा की रणनीति के तहत अमित शाह प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों का दौरा करेंगे. इस दौरान वह पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संगठन के कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे. बैठकों में बूथ स्तर की तैयारियों, चुनावी समीकरणों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी. भाजपा का लक्ष्य चुनाव से काफी पहले संगठन को पूरी तरह सक्रिय कर मैदान में उतरना है.

कम अंतर वाली 49 सीटों पर भी फोकस

भाजपा के आंतरिक आकलन में करीब 49 ऐसी सीटों की पहचान की गई है, जहां 2022 विधानसभा चुनाव में हार-जीत का अंतर पांच हजार वोट से भी कम रहा था. पार्टी का मानना है कि बेहतर बूथ मैनेजमेंट, सही उम्मीदवार चयन और मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ाकर इन सीटों पर परिणाम बदले जा सकते हैं.

टिकट में चलेगा जीत का फॉर्मूला

सूत्रों के अनुसार, 2027 विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के दौरान भाजपा केवल पुराने समीकरणों पर निर्भर नहीं रहेगी. उम्मीदवारों के प्रदर्शन और जीतने की क्षमता को सबसे अहम आधार बनाया जाएगा.

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