Ro no D15139/23

जशपुर में जल संरक्षण बना जन आंदोलन, नवाचारों से मजबूत हो रहा भू-जल संवर्धन

*सोक पिट, वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच, कंटूर ट्रेंच, आजीविका डबरी और नवा तरिया जैसी संरचनाएं बढ़ा रही जल संचयन क्षमता*

 

*मनरेगा और जनभागीदारी से जल सुरक्षा की दिशा में जशपुर का अभिनव मॉडल*

 

रायपुर, 07 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन की दिशा में जशपुर जिला एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है। जिले में मनरेगा तथा जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए विभिन्न नवाचार आधारित संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण आजीविका को भी नई मजबूती मिल रही है। जशपुर जिले में वर्षा जल के अधिकतम संचयन और भू-जल पुनर्भरण के उद्देश्य से घरों, शासकीय संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में सोक पिट बनाए जा रहे हैं। इन संरचनाओं से उपयोग किए गए जल का पुनर्भरण संभव हो रहा है तथा जलभराव की समस्या में भी कमी आ रही है। पहाड़ी एवं ढलान वाले क्षेत्रों में वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच और कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तीव्र बहाव को नियंत्रित कर मिट्टी के कटाव को रोकने के साथ जल को भूमि में समाहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे भू-जल स्तर में सुधार और पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिल रहा है।

 

ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए जिले में आजीविका डबरी निर्माण कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में 495 आजीविका डबरियां निर्माणाधीन हैं। इन डबरियों में वर्षा जल संग्रहित होने से किसानों को रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों की सिंचाई सुविधा मिलेगी, वहीं सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जल संरक्षण के क्षेत्र में ‘नवा तरिया’ अभियान भी उल्लेखनीय परिणाम दे रहा है। नए तालाबों के निर्माण और पुराने जलाशयों के जीर्णाेद्धार से जल भंडारण क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके सकारात्मक प्रभाव कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन गतिविधियों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

 

जशपुर जिले में 5 प्रतिशत मॉडल को भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के कम से कम 5 प्रतिशत हिस्से को जल संरक्षण संरचनाओं से आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल से वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जल संरक्षण कार्यों में सभी विभागों और ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुए कहा है कि जल संरक्षण केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संचालित जन आंदोलन है। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जशपुर जिले में संचालित ये नवाचार आधारित जल संरक्षण प्रयास जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। साथ ही ये पहल कृषि उत्पादन बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

  • Related Posts

    सीए केवल वित्तीय सलाहकार नहीं, व्यवसायों के भरोसेमंद मार्गदर्शक भी- राज्यपाल

    *राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन में कहा श्री डेका ने- भरोसा और गोपनीयता ही इस पेशे की सबसे बड़ी पूंजी*   रायपुर, 7 जून 2026(IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री…

    Read more

    संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर सरगुजा संभाग में ‘आकार-2026’ का आयोजन

    *उदयपुर और लखनपुर में 8 से 14 जून तक चलेगा पारंपरिक शिल्प एवं कला प्रशिक्षण शिविर*   *युवाओं को मिलेगा लोक कलाओं का प्रशिक्षण*   रायपुर, 7 जून 2026 (IMNB…

    Read more

    NATIONAL

    राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने पिछड़ा वर्ग समाजों के प्रतिनिधियों से की मुलाकात, जानी समस्याएं

    राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने पिछड़ा वर्ग समाजों के प्रतिनिधियों से की मुलाकात, जानी समस्याएं

    राबड़ी देवी के बाद तेजस्वी यादव ने भी हटाई अपनी सुरक्षा, RJD नेता बोले- एक खरोंच भी आई तो…

    राबड़ी देवी के बाद तेजस्वी यादव ने भी हटाई अपनी सुरक्षा, RJD नेता बोले- एक खरोंच भी आई तो…

    19 हजार करोड़ के निवेश का रोडमैप तैयार, पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक्स हब बनेगा बंगाल

    19 हजार करोड़ के निवेश का रोडमैप तैयार, पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक्स हब बनेगा बंगाल

    क्या 73 साल के व्लादिमीर पुतिन लडे़ंगे 2030 का चुनाव? रूसी राष्ट्रपति बोले- ईश्वर ही जानता है कि कल, परसों…

    क्या 73 साल के व्लादिमीर पुतिन लडे़ंगे 2030 का चुनाव? रूसी राष्ट्रपति बोले- ईश्वर ही जानता है कि कल, परसों…

    सबसे पहले खान सर के स्टाफ ने फाड़ा था रौशन आनंद की कोचिंग का पोस्टर? नये वीडियो से पूरे विवाद का खुलासा

    सबसे पहले खान सर के स्टाफ ने फाड़ा था रौशन आनंद की कोचिंग का पोस्टर? नये वीडियो से पूरे विवाद का खुलासा

    कौन हैं मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी, जिन्होंने कहा— “हम सबसे पहले इंसान हैं, उसके बाद मुसलमान”?

    कौन हैं मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी, जिन्होंने कहा— “हम सबसे पहले इंसान हैं, उसके बाद मुसलमान”?