
*कापू में दिखी बदलते प्रशासन की तस्वीर*
रायपुर, 10 जून 2026/धरमजयगढ़ विकासखंड के दूरस्थ कापू क्षेत्र में बुधवार को सुशासन का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने की पहल को सार्थक बना दिया। पहाड़ों और घने जंगलों से घिरे इस वनांचल क्षेत्र में आयोजित समाधान शिविर केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीणों की उम्मीदों और विश्वास का केंद्र बन गया। जिले के अंतिम छोर पर बसे 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में यहां पहुंचे। किसी ने अपनी समस्या रखी, किसी ने विकास से जुड़ी मांग बताई और कई लोगों ने शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने की प्रक्रिया एक ही मंच पर संचालित हुई। प्राप्त आवेदनों में कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों पर समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और उत्साह दोनों बढ़े।
शिक्षा, कृषि, श्रम सहित विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी ने शिविर को बहुआयामी स्वरूप दिया। पांच विद्यार्थियों को जाति प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिससे उन्हें आगे की शिक्षा और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी। वहीं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कापू द्वारा किसानों को खरीफ फसल के लिए किसान क्रेडिट कार्ड ऋण स्वीकृत किया गया। इससे खेती-किसानी के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध होने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
वनांचल क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। कक्षा दसवीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जागृति, सौम्या और निखिल सोनवानी तथा कक्षा बारहवीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाली रवीना राठिया को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जिलेभर में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जहां लोग सीधे अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रख पा रहे हैं। सुशासन तिहार के तहत आयोजित ये समाधान शिविर प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बने हैं।








