Ro no D15139/23

किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन

Indian Sailors Death: होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी हो रही है. भारत में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें उन्होंने भारतीय जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का दावा किया था. पलाऊ का झंडा लगे जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई. लेकिन हमलावर कौन है? अमेरिका या ईरान. दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. भारत ने पहले भारत में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया, उसके बाद विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो को फोन लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया.

शनिवार को ईरान के दूतावास ने कहा कि ट्रंप के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इनका उद्देश्य लोगों का ध्यान हाल में भारतीय नाविकों को लेकर हुए घटनाक्रम से हटाना है. भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में दावा किया कि एक सप्ताह से भी कम समय के भीतर अमेरिका ने तीन भारतीय जहाजों पर हमला किया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई.

दूतावास ने अपने पोस्ट में कहा, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाज को लेकर ईरान पर लगाया गया अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह निराधार है. यह जनता का ध्यान उस क्रूर सच्चाई से हटाने की कोशिश है कि अमेरिका ने एक सप्ताह से भी कम समय में तीन भारतीय जहाजों पर हमला किया और तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की जान ले ली. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.’

ट्रंप ने ईरान को ठहराया था जिम्मेदार

ईरान की प्रतिक्रिया, डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों का जवाब है. उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था. इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई थी. हालांकि, इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड स्वयं पुष्टि कर चुका था कि संबंधित हमले अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा किए गए थे. इसी वजह से ट्रंप के बयान पर सवाल भी उठे.

ओमान की खाड़ी में हुए हमलों पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

ट्रंप के आरोपों से पहले ईरान ने ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी हमलों की निंदा की थी. इन हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन कार्रवाइयों को क्रूर करार देते हुए अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था.

उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियां वैश्विक शांति और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका की लगातार जारी सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं. हम मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों और उनके मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा भारत की जनता और सरकार के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट करते हैं.’

भारत ने अमेरिका के सामने जताया कड़ा विरोध

भारत ने भी इस मामले पर अमेरिका के सामने अपना कड़ा विरोध जताया है. पहले भारत में अमेरिकी राजदूत को विदेश मंत्रालय में एक नहीं बल्कि दो-दो बार तलब किया गया. जेसन मीक्स नाम के अधिकारी के समक्ष भारत ने कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले को बेहद चिंताजनक बताया. इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्को रूबियो को फोन करके भारतीय क्रू मेंबर वाले शिप पर हुए अटैक का मुद्दा उठाया.

सोशल मीडिया एक्स पर डॉ जयशंकर ने लिखा, ‘आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत हुई. मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर भारत की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया. वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है और इसे किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता.’

किन तीन भारतीयों की हुई थी मौत?

पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल शिप एमटी सेटेबेलो पर शुक्रवार को हमला किया गया था. इसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे. हमले के बाद इमरजेंसी कॉल गई थी, उस समय उन सभी को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करके ओमान ले जाया गया था. लेकिन बाद में खबर आई कि इस घटना में तीन भारतीयों की मौत हो गई. इनमें हिमाचल प्रदेश के डेक कैडेट आदित्य शर्मा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और आंध्र प्रदेश निवासी चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश शामिल थे.

  • Related Posts

    अमेरिका पीछे हटा तो कौन भरेगा खाली जगह? सऊदी अरब के नए सुरक्षा प्लान को समझिए

    एक समझौता, तीन देश और बदलता पश्चिम एशिया. सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच मक्का में हुआ नया रक्षा समझौता ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान के साथ…

    Read more

    भारत में विदेशी पर्यटक क्यों नहीं आ रहे? थाईलैंड-वियतनाम से पीछे रहने की 3 बड़ी वजहें

    भारत दुनिया के सबसे विविध पर्यटन स्थलों में शामिल है. हिमालय से लेकर समुद्र तटों तक, रेगिस्तान से लेकर वर्षावनों तक और प्राचीन विरासत से लेकर आध्यात्मिक स्थलों तक- देश…

    Read more

    NATIONAL

    अमेरिका पीछे हटा तो कौन भरेगा खाली जगह? सऊदी अरब के नए सुरक्षा प्लान को समझिए

    अमेरिका पीछे हटा तो कौन भरेगा खाली जगह? सऊदी अरब के नए सुरक्षा प्लान को समझिए

    भारत में विदेशी पर्यटक क्यों नहीं आ रहे? थाईलैंड-वियतनाम से पीछे रहने की 3 बड़ी वजहें

    भारत में विदेशी पर्यटक क्यों नहीं आ रहे? थाईलैंड-वियतनाम से पीछे रहने की 3 बड़ी वजहें

    BJP छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने कहा- मकान मालिक 1 तारीख को मांगता है किराया

    BJP छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने कहा- मकान मालिक 1 तारीख को मांगता है किराया

    माता सीता की रक्षा एक तिनके से

    माता सीता की रक्षा एक तिनके से

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल