
Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच पड़ताल लगातार जारी है. इस बीच बुधवार को 53 डीएसपी रैंक के अधिकारियों का तबादला किया गया. इसमें जगदीशपुर के पूर्व डीएसपी राजेश शर्मा का भी ट्रांसफर किया गया. राजेश शर्मा पर भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर आरोप लगा था. ऐसे में उनका ट्रांसफर होने के बाद भरत के परिजन का गुस्सा और भी बढ़ गया है.
मां आशा देवी ने फिर दोहराई अपनी मांग
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा, मेरे बेटे के हत्यारे डीएसपी को इनाम क्यों दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे की मौत के बाद न्याय दिलाने के बजाए सरकार आरोपियों को नई जिम्मेदारी देकर जख्मों पर नमक छिड़क रही है. इस दौरान उन्होंने फिर से दोषियों की गिरफ्तारी के साथ फांसी की सजा देने की मांग की
‘सरकार से न्याय की उम्मीद थी, लेकिन आरोपी को नई पोस्टिंग मिली’
इस दौरान आशा देवी ने यह भी कहा कि हमने अपने बेटे को अपने आंखों के सामने खो दिया. इसके बाद हमें सरकार से न्याय की उम्मीद थी. लेकिन जिस तरह से आरोपी अधिकारी को नई पोस्टिंग दी गई, इस खबर ने परिवार को अंदर से झकझोर दिया. उन्होंने परिवार का दुख और बढ़ाने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि हमारा बेटा तो अब वापस नहीं आएगा. लेकिन हमारी मांग है कि दोषियों को फांसी दी जाए. जब तक ऐसा नहीं होगा, हमें न्याय नहीं मिलेगा.
मां बोलीं- लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं
मां आशा देवी ने पूरे मामले में लीपापोती करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आम लोगों का कानून-व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा. पूरा परिवार तनाव में जी रहा है. लेकिन इसके बावजूद लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं. इधर, जगदीशपुर को पूर्व डीएसपी को मद्य निषेध विभाग में जिम्मेदारी दी गई है. लेकिन भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले में उन पर केस भी दर्ज हैं.









