
अंबिकापुर 25 फरवरी 2026/ सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज की अध्यक्षता में बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, महापौर मंजूषा भगत, कलेक्टर अजीत वसंत, डीएफओ अभिषेक जोगावत, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, जनप्रतिनिधिगण, सहित समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सांसद चिंतामणि ने कहा कि शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो, सभी लक्ष्य समय सीमा में पूर्ण कर लिए जाएं। जिले के दूरस्थ अंचल तक लोगों को योजनाओं का लाभ मिले। क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों की भी भागीदार जरूरी है। जनप्रतिनिधि दौरे के दौरान योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुचाएं। जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य कर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सरगुजा जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है, पीवीटीजी समुदाय को शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गम्भीरता के साथ पात्रों को लाभान्वित करने निर्देशित किया। उन्होंने जिले में निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए । पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना में आवास का निर्माण समय पर पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने श्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा है सभी श्रमिकों का श्रम पंजीयन अवश्य हो, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मौसमी बीमारी से बचाव हेतु सभी तैयारी सुनिश्वित करने निर्देशित किया, उन्होंने कहा कि लोगों को इस हेतु जागरूक करें। चिकित्सालयों में चिकित्सक एवं कर्मचारी समय पर उपस्थित रहें तथा सभी मुख्यालय में रहें, ताकि आपातकालीन स्थिती में तत्काल इलाज हो सके। उन्होंने जिले में आयुष्मान कार्ड निर्माण के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा प्राइवेट अस्पतालों में लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया। मनरेगा अंतर्गत संचालित कार्यों की जानकारी ली, उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के स्थान पर अब भारत सरकार द्वारा विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (जीरामजी) होगा। यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के लिए महत्वपूर्ण योजना है। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, पीएचई, खाद्य, पशुपालन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, समाज कल्याण, आदिम जाति अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोज़गार निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों से विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली गई।









