Ro no D15139/23

छाल परिक्षेत्र के औरानारा परिसर में मादा हाथी शावक का शव बरामद

*पानी में डूबने से हुई मृत्यु की पुष्टि*

रायपुर, 30 अक्टूबर 2025/ धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल परिक्षेत्र अंतर्गत औरानारा परिसर में एक मादा जंगली हाथी शावक का शव बरामद हुआ है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि शावक की मृत्यु पानी में डूबने से हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्यवाही की गई।

*जंगली मादा हाथी शावक को मृत अवस्था मिलने की सूचना पर वन अमला तत्काल पहुँचा स्थल*

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर की शाम लगभग 4 बजे स्थानीय ग्रामीणों ने सराईमुड़ा तालाब (परिसर कक्ष क्रमांक 517 आर.एफ.) के किनारे जंगली मादा हाथी शावक को मृत अवस्था में देखा। सूचना मिलते ही छाल परिक्षेत्र का वन अमला और पशु चिकित्सा अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक निरीक्षण में यह अनुमान लगाया गया कि पानी में डूबने से शावक की मृत्यु हुई है। सूर्यास्त के कारण पोस्टमार्टम की कार्रवाई आज की गई।

*शव विच्छेदन में शावक हाथी के मृत्यु का कारण पानी में डूबना पाया गया*

29 अक्टूबर की सुबह वनमंडलाधिकारी, परिक्षेत्राधिकारी, वन अमला तथा जिला स्तर की तीन सदस्यीय पशु चिकित्सा अधिकारियों की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर नियमानुसार शव विच्छेदन पोस्टमार्टम किया। पशु चिकित्सा टीम में धरमजयगढ़ के डॉ.विवेक नायक, रायगढ़ के डॉ.नरेंद्र नायक एवं छाल के डॉ.आशीष राठिया शामिल थे। सभी अधिकारियों की उपस्थिति में शव विच्छेदन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मृत मादा हाथी शावक के शव को विधिवत रूप से दफनाया गया। पशु चिकित्सकों की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, मृत्यु का कारण पानी में डूबना पाया गया। वन विभाग के अनुसार, छाल परिक्षेत्र के औरानारा परिसर में पिछले कई दिनों से लगभग 22 हाथियों का दल विचरण कर रहा था। संभवतः यह मादा शावक अपने झुंड के साथ पानी पीने और जल क्रीड़ा के दौरान तालाब में गहराई तक जाने से डूब गई।

*मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम के लिए वन अमले को निर्देश*

इस संबंध में धरमजयगढ़ के डीएफओ श्री जितेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि वन विभाग द्वारा घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक निष्कर्षों से प्रतीत होता है कि शावक की मृत्यु आकस्मिक रूप से पानी में डूबने से हुई है। फिलहाल हाथियों के दल पर सतत निगरानी रखी जा रही है और मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम के लिए वन अमले को विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आसपास के ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और हाथियों के झुंड से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया है। किसी भी असामान्य स्थिति या घटना की तत्काल सूचना नजदीकी वन परिक्षेत्र कार्यालय को देने की अपील की गई है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

  • Related Posts

    छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्ति पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का हुआ भव्य ऐतिहासिक अभिनंदन

      बाजे गाजे के साथ लड्डुओं से तौलकर विभिन्न समाजों एवं संगठनों ने उप मुख्यमंत्री का किया सम्मान *यह जीत जनभागीदारी, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के विश्वास की…

    Read more

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सरकार की बड़ी पहल बिजली बिल समाधान योजना से धमतरी के हजारों परिवारों को मिली आर्थिक आजादी

    ​ ​रायपुर 06 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों…

    Read more

    NATIONAL

    SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

    SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

    होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

    होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

    ईरान ने किया रिजेक्ट, औंधे मुंह गिरा पाकिस्तान का पीस प्लान, मुनीर-शहबाज की चौधराहट फेल; भारी संकट सामने

    ईरान ने किया रिजेक्ट, औंधे मुंह गिरा पाकिस्तान का पीस प्लान, मुनीर-शहबाज की चौधराहट फेल; भारी संकट सामने

    ईरान में गिरा अमेरिकी लड़ाकू विमान, चालक दल का एक सदस्य बचाया गया; युद्ध ने पकड़ी और रफ्तार

    ईरान में गिरा अमेरिकी लड़ाकू विमान, चालक दल का एक सदस्य बचाया गया; युद्ध ने पकड़ी और रफ्तार

    महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

    महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

    मरने के बाद फिर से ज़िंदा होना कितना सुख देगा,क्या ये संभव है,क्या हम भगवान तक पहुंच जाएंगे* वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    मरने के बाद फिर से ज़िंदा होना कितना सुख देगा,क्या ये संभव है,क्या हम भगवान तक पहुंच जाएंगे* वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….