
छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensified Revision – SIR) का कार्य 4 नवंबर 2025 से प्रारंभ हो चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी जानकारी अनुसार, प्रदेशभर में निर्वाचकों को गणना प्रपत्र (Enumeration Forms- EFs) का वितरण लगभग पूरा कर लिया गया है तथा इन प्रपत्रों के संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से जारी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिसमें किसी मृत व्यक्ति,ऐसे व्यक्ति जो अब भारतीय नागरिक नहीं हैं, या ऐसे मतदाता जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर सूचीबद्ध है और वे एक से अधिक स्थानों के लिए गणना प्रपत्र जमा करते हैं, उनके संबंध में गणना प्रपत्र भरना या गलत घोषणा करना एक दंडनीय अपराध है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत गलत जानकारी देना, तथ्य छुपाना या भ्रामक घोषणा करना दंडनीय माना गया है, जिसके लिए कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
छत्तीसगढ़ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी से अनुरोध किया है कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ सही जानकारी उपलब्ध कराएँ और पुनरीक्षण की प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि 01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जा सके।









