Ro no D15139/23

फसल चक्र परिवर्तन से समृद्धि की ओर: धमतरी में नारियल आधारित उद्यानिकी को नया आयाम

सीड नट से गुणवत्तापूर्ण नारियल पौध,सेमरा रोपणी में

धमतरी जिले में कृषि को टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा फसल चक्र परिवर्तन को लेकर सतत प्रयास किए जा रहे हैं। परंपरागत धान-प्रधान खेती पर निर्भरता कम करते हुए किसानों को रबी मौसम में कम जल-खपत वाली फसलों—विशेषकर दलहन, तिलहन—के साथ-साथ उद्यानिकी अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में नारियल आधारित खेती को जिले में एक व्यवहार्य और भविष्य उन्मुख विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है।
धमतरी का वातावरण और जलवायु—उपयुक्त तापमान, आर्द्रता और वर्षा पैटर्न—नारियल की खेती के लिए अनुकूल माने जाते हैं। इस वैज्ञानिक आधार को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध पहल शुरू की है। शासकीय उद्यान रोपनी, सेमरा (नगरी) में सीड नट से उच्च गुणवत्ता वाले नारियल पौधों की तैयारी की जा रही है। यहाँ वैज्ञानिक पद्धति से पौध तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पौधों की जीवितता, वृद्धि और भविष्य की उत्पादकता सुनिश्चित हो सके।
इस पहल का उद्देश्य केवल फसल विविधीकरण नहीं, बल्कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करना भी है। नारियल एक बहुउपयोगी फसल है—इसके फल, तेल, कोपरा, रेशा और जल—सभी के लिए बाजार उपलब्ध है। कम सिंचाई आवश्यकता और दीर्घकालीन उत्पादन क्षमता के कारण यह फसल जोखिम कम करती है और नियमित आय का स्रोत बनती है। इसके साथ ही नारियल आधारित बागवानी से रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, पौध आपूर्ति, रोपण दूरी, पोषण प्रबंधन और रोग-कीट नियंत्रण जैसी जानकारियाँ दी जा रही हैं। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के समन्वय से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसान आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। कई प्रगतिशील किसानों ने इस पहल को अपनाते हुए अपने खेतों में नारियल रोपण शुरू कर दिया है, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं।
फसल चक्र परिवर्तन के इस मॉडल से जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिल रहा है। धमतरी जिले में नारियल आधारित उद्यानिकी का यह प्रयास आने वाले वर्षों में जिले को नई पहचान देने की क्षमता रखता है। यह शासकीय पहल न केवल किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, बल्कि टिकाऊ कृषि और समृद्ध ग्रामीण भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

  • Related Posts

    बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर

    *रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन* *बस्तर से बंदरगाह तक सीधी राह, इकोनॉमिक कॉरिडोर से विकास को मिलेगी नई दिशा* रायपुर. 19 अप्रैल 2026. बस्तर की प्रगति को…

    Read more

    माओवाद के बाद विकास की नई राह: पुसपाल बनेगा ईको-टूरिज्म हब

    *रिसॉर्ट और ओपन रेस्टोरेंट से बढ़ेगा पर्यटन और आजीविका के साधन : मंत्री श्री केदार कश्यप* रायपुर, 19 अप्रैल 2026 (IMNB NEWS AGENCY) कोण्डागांव जिले के पुसपाल क्षेत्र से माओवाद…

    Read more

    NATIONAL

    विदेशी मां का बेटा… ,रसूखदार को सजा नहीं… शनिदेव का न्याय…. लपेटे में राहुल गांधी… वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    विदेशी मां का बेटा… ,रसूखदार को सजा नहीं… शनिदेव का न्याय…. लपेटे में राहुल गांधी… वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    बंगाल के सिंहासन को लहू सिंचती भी है और प्लावन कर कुशासन को जड़ समेत निर्मूल भी।

    बंगाल के सिंहासन को लहू सिंचती भी है और प्लावन कर कुशासन को जड़ समेत निर्मूल भी।

    जो डर गया वो मर गया, जो डरा नहीं वो जीत गया : जय बांग्ला !

    जो डर गया वो मर गया, जो डरा नहीं वो जीत गया : जय बांग्ला !

    ट्रंप के ‘होर्मुज’ दावे पर भड़का ईरान; कहा- 1 घंटे में बोले 7 झूठ, अब हमारी मर्जी से चलेंगे जहाज

    ट्रंप के ‘होर्मुज’ दावे पर भड़का ईरान; कहा- 1 घंटे में बोले 7 झूठ, अब हमारी मर्जी से चलेंगे जहाज

    पटना में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ठिकानों पर SVU की रेड, करोड़ों की संपत्ति का मामला

    पटना में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ठिकानों पर SVU की रेड, करोड़ों की संपत्ति का मामला

    योगी के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी की कड़ी आपत्ति

    योगी के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी की कड़ी आपत्ति