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धान खरीदी नीति से किसानों का शासन पर बढ़ा विश्वास

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को मिल रहा अच्छा लाभ
– समयबद्ध भुगतान होने से किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए मिल रही सुविधा
– किसान  शिव धान खरीदी नीति से संतुष्ट
राज्य शासन द्वारा लागू धान खरीदी नीति से किसानों का शासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी, समय पर भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था के कारण किसान स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों को अब पहले की तुलना में अधिक सुविधाएँ मिल रही हैं। पंजीयन से लेकर तौल और भुगतान तक की प्रक्रिया सरल और डिजिटल होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। इससे किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हो रहा है। शासन का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाना है। इसके लिए धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निगरानी और त्वरित समाधान की व्यवस्था की गई है।
ग्राम जंगलेसर के किसान श्री शिव कुमार ने बताया कि वे अंतिम ऑनलाईन टोकन के माध्यम से धान उपार्जन केन्द्र कन्हारपुरी में 145 क्ंिवटल धान का विक्रय किया है। किसान श्री शिव ने बताया कि उनके पास 39 एकड़ खेती जमीन है। जिसमें वे खरीफ मौसम में धान और रबी मौसम में गेंहू, मक्का की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि फसल विविधीकरण और खेती-किसानी के लिए समय-समय खाद-बीज की सहज उपलब्धता से फसल अच्छी हुई है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनका पूरा धान समर्थन मूल्य पर विक्रय हो गया है। जिससे उनको बहुत अच्छा लाभ मिला है। किसान  शिव ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र आने के बाद उनके धान की तौलाई इलेक्ट्रानिक मशीन के माध्यम से पारर्शितापूर्वक शीघ्र किया गया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र कन्हारपुरी में किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा की। किसान श्री शिव कुमार साहू ने बताया कि पहले धान बिक्री में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन वर्तमान नीति से यह समस्याएँ दूर हुई हैं। समयबद्ध भुगतान होने से किसानों को अगली फसल की तैयारी में भी सहूलियत मिली है। किसान  शिव ने बताया कि पिछले वर्ष धान की बिक्री से प्राप्त राशि से वे अपनी आजीविका के साथ-साथ खेती-किसानों के कार्य में मददगार साबित हुई है। धान विक्रय की प्राप्त राशि का उपयोग अपने खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए किया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सही दर पर धान खरीदी की जा रही है। धान खरीदी नीति ने किसानों और शासन के बीच विश्वास की एक मजबूत कड़ी स्थापित की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सकारात्मक दिशा मिल रही है। शासन की धान खरीदी नीति से वे बहुत संतुष्ट है।  इसके लिए वे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को कृतज्ञता ज्ञापित किया है।

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