
जशपुरनगर 04 फरवरी 2026/(IMNB NEWS AGENCY) एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, ग्राम घोलेंगे के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन सदैव के लिए स्मरणीय बन गया। अशोक चक्र से सम्मानित अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने विद्यालय परिसर में स्थापित ग्राउंड स्टेशन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा का विशेष वातावरण देखने को मिला।
इस ग्राउंड स्टेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की कार्यप्रणाली का वास्तविक एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। बच्चे यहां से सैटेलाइट की गतिविधियों को समझेंगे, डेटा कलेक्शन, उसका विश्लेषण और उपयोग करना सीखेंगे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार, विद्यालय के प्रिंसिपल श्री दुर्गेश पाठक सहित विधायक के शिक्षक गण और विद्यार्थी मौजूद रहे।
ग्राउंड स्टेशन के माध्यम से लाइव सैटेलाइट कर सकेंगे ट्रेस
विद्यालय की कक्षा 12वीं की छात्रा देविका दीवान एवं छात्र तपेश्वर साय ने श्री शुभांशु शुक्ला को ग्राउंड स्टेशन की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। श्री शुक्ला ने उनके प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए कहा कि यह ग्राउंड स्टेशन बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ प्रायोगिक शिक्षा को सशक्त बनाएगा। इस ग्राउंड स्टेशन के माध्यम से छात्र लाइव सैटेलाइट ट्रैकिंग, सैटेलाइट को सिग्नल भेजने एवं प्राप्त करने की प्रक्रिया, सैटेलाइट डेटा को रिसीव एवं डिकोड करने जैसी गतिविधियों को प्रैक्टिकल तरीके से सीख सकेंगे। साथ ही विद्यार्थियों को मौसम संबंधी जानकारियां प्राप्त करने और उनके विश्लेषण की भी जानकारी दी जाएगी।
शासकीय दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय के छात्रों की सुमधुर गीतों की श्री शुक्ला ने की सराहना
कार्यक्रम के दौरान शासकीय दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय के छात्र-छात्राओं धरमजीत यादव, आशमुनि, नकुल राम, शांति, सुहाना चौहान, ममता यादव, अविनाश चौहान, सोनिया एवं आरुषि चौहान ने सुमधुर स्वर में राजकीय गीत ‘अरपा पैरी की धार’ एवं ‘आशाएं खिले दिल की’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा। डॉ. शुभांशु शुक्ला ने सभी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका परिचय प्राप्त किया, उनके उत्साह की प्रशंसा की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य करते हैं।
श्री शुभांशु शुक्ला ने एकलव्य विद्यालय घोलेंग के विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के साथ उनके सवालों का दिया जवाब
श्री शुभांशु शुक्ला में यहाँ अध्ययनरत कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद किया। हर सवाल को ध्यान से सुना और बच्चों के जिज्ञासाओं को सरल, व्यावहारिक उदाहरणों से स्पष्ट किया। यह संवाद बच्चों के लिए आत्मीय, प्रेरक और यादगार बन गया। कक्षा 11वीं की छात्रा अनुष्का ने अंतरिक्ष यात्रा की तैयारी और चुनौतियों पर प्रश्न किया। श्री शुक्ला ने मुस्कुराते हुए कहा मेहनत लगातार होनी चाहिए। फेल्योर आए तो उससे सीखो, हार मत मानो। उन्होंने बताया कि लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता अनुशासन, धैर्य और रोज़ के छोटे-छोटे प्रयासों से बनता है। दिवेश यादव ने फाइटर पायलट और एस्ट्रोनॉट बनने की संघर्ष के बारे में पूछा। इस पर श्री शुक्ला ने स्पष्ट किया कि 12वीं के बाद एनडीए जैसी परीक्षाएँ, स्किल टेस्ट और इंटरव्यू पास करने होते हैं। फिल्मों और हकीकत का अंतर समझाते हुए बोले अंतरिक्ष में कोई बाहरी मदद नहीं होती हर स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है। डिसिप्लिन सबसे बड़ा हथियार है।
पूजा चौहान ने पूछा गगनयान क्यों अहम है। पूजा के सवाल पर उन्होंने बताया कि गगनयान भारत को मानव अंतरिक्ष उड़ान करने वाले चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा करेगा। उपग्रहों की उपयोगिता बताते हुए कहा जीपीएस, मौसम पूर्वानुमान, मछुआरों की सहायता, आपदा प्रबंधनसब सैटेलाइट से संभव है। यह देश की क्षमता को कई गुना बढ़ाता है। अंकित यादव ने लॉन्च के बारे में पूछा लॉन्च के समय डर लगता है? श्री शुक्ला ने सहजता से कहा कड़ी ट्रेनिंग के कारण डर काबू में रहता है। इंजन इग्निशन जैसे पल सिखाए जाते हैं ताकि हर सिचुएशन में सही निर्णय लिया जा सके। संवाद के दौरान श्री शुक्ला ने बच्चों को अनुशासन, टीमवर्क, फिटनेस और निरंतर सीख की आदत अपनाने की सलाह दी। यह वन-टू-वन इंटरैक्शन बच्चों के लिए केवल प्रश्न-उत्तर नहीं, बल्कि सपनों को दिशा देने वाला अनुभव बन गया, जिसने इंडिया इन स्पेस को कक्षा से जीवन तक जोड़ दिया।








