
कुपोषण दर घटाने और जीवन चक्र आधारित कार्ययोजना पर जोर
धमतरी, 25 फरवरी 2026। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संयुक्त बैठक 24 फरवरी 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष, धमतरी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी ने की। बैठक में यूनिसेफ के अधिकारियों की उपस्थिति में कुपोषण उन्मूलन एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में निर्देशित किया गया कि गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) एवं मध्यम तीव्र कुपोषण (MAM) से ग्रसित बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए। एनीमिक बच्चों की पहचान कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए तथा आवश्यक दवाइयाँ सुपरवाइजर की उपस्थिति में दी जाएं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों में कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं की संख्या में किसी प्रकार का अंतर न रहे, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिले में कुपोषण दर 8 से 23 प्रतिशत के बीच है। इस पर प्रभावी नियंत्रण हेतु सभी सीडीपीओ एवं विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को एसडीएम की अध्यक्षता में विकासखंड स्तर पर समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। नवाचारों पर विशेष ध्यान देने और कुपोषण दूर करने के लिए संयुक्त प्रयास करने पर जोर दिया गया।
यूनिसेफ की प्रतिनिधि नमिता पाण्डेय ने जीवन चक्र आधारित कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि किशोरी बालिकाओं में एनीमिया की रोकथाम, नवविवाहित दंपत्तियों को परिवार नियोजन एवं पोषण पर परामर्श, गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित मातृत्व, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, प्रसव के एक घंटे के भीतर स्तनपान, धात्री माताओं की देखभाल, 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को पूरक आहार तथा 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की पूर्व-प्राथमिक शिक्षा जैसे चरणों में संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन संयुक्त रूप से हितग्राहियों के घर जाकर काउंसिलिंग करें और लक्ष्य आधारित कार्य सुनिश्चित करें।
बैठक में यूनिसेफ अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी एवं सभी पर्यवेक्षक उपस्थित









