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ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्वयन पर बैठक संपन्न

राजनांदगांव 07 अप्रैल 2026। अपर कलेक्टर श्री सीएल मरकण्डेय की अध्यक्षता में ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्वयन से संबंधित बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहल के तहत ताड़पत्र, दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथ, पाण्डुलिपियों तथा अन्य प्राचीन दस्तावेजों का चिन्हिकरण एवं सूचीकरण किया जा रहा है। इसके लिए जिला स्तरीय समिति शीघ्र गठित की जाएगी। जिले में संभावित पाण्डुलिपि संग्रहण केन्द्रों तथा व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं का सर्वेक्षण कर पहचान की जाएगी। सर्वे कार्य हेतु टीम गठित करने निर्देश दिए गए तथा संबंधित अधिकारियों से उनके अधीन कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने कहा गया। जिले व ग्रामीण क्षेत्रों में पाण्डुलिपियों की पहचान एवं दस्तावेजीकरण के लिए सर्वेयर नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें इतिहास विषय के प्रोफेसर, पंचायत सचिव, संकुल समन्वयक तथा नगरीय निकायों से मोहर्रिर शामिल होंगे। सर्वेक्षण कार्य के लिए राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया। पर्यटन अधिकारी श्रीमती आरती सहारे एवं प्रबंधक पर्यटन सूचना केंद्र डोंगरगढ़ श्रीनिवास राव को भी सर्वे कार्य में शामिल किया गया है। सर्वेयरों को प्रशिक्षण पश्चात दो माह की समय-सीमा में सर्वेक्षण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे का संपूर्ण कार्य ज्ञानभारतम् मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा तथा अभियान से लोगों को जोडऩे जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएंगी।
जिले में संभावित पाण्डुलिपि संग्रह केन्द्रों में संस्कृत महाविद्यालय, निजी व शासकीय पुस्तकालय, संग्रहालय, शिक्षण एवं शोध संस्थान, संस्कृत पाठशालाएं, मंदिर, मठ-आश्रम एवं गुरूकुल ट्रस्ट शामिल हो सकते हैं। इसी प्रकार निजी संग्रहकर्ताओं, पुरोहितों, धर्माचार्यों, ज्योतिषाचार्यों, आयुर्वेदाचार्यों एवं संस्कृत विद्वानों के पास भी पाण्डुलिपि संग्रह होने की संभावना है। सर्वेक्षण कार्य संग्रहणकर्ता या जिम्मेदार प्रभारी की सहमति से ही किया जाएगा तथा पाण्डुलिपि का स्वामित्व संग्रहकर्ता के पास सुरक्षित रहेगा। रियासतकालीन पाण्डुलिपियों के अधिकाधिक सर्वे पर विशेष जोर दिया जाएगा। नागरिकों से अपील की गई है कि पाण्डुलिपि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराकर अभियान में सहयोग करें, ताकि इनकी पहचान व दस्तावेजीकरण किया जा सके। सर्वेक्षण संबंधी किसी भी जानकारी या समस्या के लिए सेवा निवृत्त पूर्व प्राध्यापक प्राचीन भारतीय इतिहास इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ डॉ. आरएन विश्वकर्मा के मोबाईल नंबर 9425560583 से संपर्क किया जा सकता है।
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