
*सुशासन तिहार 2026*
*- रूपचंद गोड़ एवं देवलाल ठेठवार को आधार अभिलेख से जमीन का मिला मालिकाना हक*
*- अधिकार अभिलेख दस्तावेज से आसानी से मिलेगा ऋण, वित्तीय सुविधाओं का ले सकेंगे लाभ*
*- जिले में अब तक 23 ग्रामों में 1347 अभिलेख का किया गया वितरण*
राजनांदगांव 18 मई 2026। सुशासन तिहार का दिन रूपचंद गोड़ एवं देवलाल ठेठवार के लिए खुशियों से भरा रहा। स्वामित्व योजना अंतर्गत जैसे उनकी वर्षों की मुराद अचानक पूरी हो गई है। उनके लिए सुशासन तिहार सुखद, आश्चर्यमिश्रित और चेहरे पर मुस्कान लाने वाला रहा। सुशासन तिहार अंतर्गत छुरिया विकासखंड के दूरस्थ ग्राम साल्हे में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम लालुटोला निवासी रूपचंद गोड़ एवं ग्राम ऊचांईपुर निवासी देवलाल ठेठवार को अधिकार अभिलेख प्राप्त हुआ। जिससे उन्हें अपनी जमीन का मालिकाना हक मिल गया। सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की स्वामित्व योजना नए आयाम स्थापित कर रही है। जिसके अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्र का ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग करते हुए सर्वे और मैपिंग कर भू-स्वामी को अधिकारों का अभिलेख दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक जीवन में इससे एक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
ग्राम लालुटोला निवासी श्री रूपचंद गोड़ ने बताया कि उन्हें जिंदगी में पहली बार अधिकार अभिलेख मिला है, जिससे उनके परिवार में बहुत खुशी है। अधिकार अभिलेख के बन जाने से अब उन्हें बैंक से आसानी से ऋण प्राप्त हो जाएगा। यह दस्तावेज एक प्रमाण के तौर पर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि जीवन में वे असुरक्षित महसूस कर रहे थे और अधिकार अभिलेख बन जाने से उनकी समस्या का समाधान हुआ है और आसानी से ऋण ले सकते हैं तथा वित्तीय सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले जमीन की खरीदी एवं अन्य कार्यों के लिए ऋण लेने में दिक्कत आ रही थी। ग्राम ऊचांईपुर निवासी देवलाल ठेठवार के लिए अधिकार अभिलेख मिलने से एक सहायता मिली है। उन्होंने बताया कि अधिकार अभिलेख मिल जाने से अब उनके जीवन का तनाव दूर हो गया है और आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले ऋण नहीं मिल पाता था और अब बैंक से अपना मकान बनाने के लिए वे ऋण ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में शिविर में आने से बहुत कार्य हो जाते हैं। उन्होंने शिविर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां राजस्व प्रकरण अंतर्गत सीमांकन, नामांतरण, बटवारा जैसे विभिन्न आवेदनों का निराकरण हो रहा है और जनमानस की समस्याओं का समाधान मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने ड्रोन तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण आबादी क्षेत्र में भूमि खण्डों के सर्वेक्षण के लिए योजना लागू की गई है। स्वामित्व योजना में गांवों में बसे हुए ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में रहने वाले गांव के गृहस्वामियों को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराया जा रहा है, जो उन्हें बैंकों से ऋण लेने और अन्य वित्तीय लाभों के लिए अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने में सक्षम बनाएगा। स्वामित्व योजना व्यक्तिगत ग्रामीण संपत्ति के सीमांकन के अलावा अन्य ग्राम पंचायत और सामुदायिक संपत्ति जैसे-गांव की सड़कें, तालाब, नहरें, खुले या रिक्त स्थान, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य उप-केन्द्र एवं अन्य स्थलों का भी सर्वेक्षण कर रिकार्ड और मानचित्र तैयार किया जा रहा है। जिसका उपयोग बेहतर गुणवत्ता वाली ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने के लिए भी किया जा सकता है। जिले में अब तक 23 ग्रामों में 1347 अभिलेख वितरण किया गया है।









