
धमतरी ड्रीम कॉरिडोर से खुलेगा विकास और रोजगार का नया द्वार
मुख्यमंत्री श्री साय ने किया ड्रीम कॉरिडोर वीडियो का विमोचन
धमतरी बनेगा उद्योग, पर्यटन और निवेश का उभरता केंद्र
5 हजार करोड़ निवेश और 6 हजार रोजगार अवसरों की संभावनाओं से जुड़ेगा धमतरी
धमतरी, 18 मई 2026/ सुशासन तिहार-2026 के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिले में विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण के साथ “धमतरी ड्रीम कॉरिडोर” की शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री वीडियो का विमोचन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियों देखने के बाद अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि धमतरी ड्रीम कॉरिडोर प्रदेश के विकास विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना उद्योग, पर्यटन, कृषि आधारित गतिविधियों और युवाओं के रोजगार को नई दिशा देगी। हमारी सरकार विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और धमतरी आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का प्रमुख केंद्र बनेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि धमतरी ड्रीम कॉरिडोर केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि जिले के उज्ज्वल भविष्य की व्यापक विकास परिकल्पना है, जो आने वाले वर्षों में धमतरी को प्रदेश के अग्रणी औद्योगिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
ड्रीम कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत जिले में इंडस्ट्रियल साइट, औद्योगिक क्लस्टर एवं आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। परियोजना में लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे 6 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वर्तमान में पशुपति फीड, गणेश गुलाल, फायर वर्क उद्योग, खादी उद्योग, सीड प्रोसेसिंग यूनिट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, फूड पार्क, वनोपज मार्केट, होलसेल मार्केट, सब्जी मार्केट, बीपीओ सेंटर, को-वर्किंग स्पेस एवं स्किल सेंटर जैसे विविध क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ हो चुके हैं।
इसके साथ ही हाला इलेक्ट्रिक व्हीकल इकाई, हॉकिंस प्रेशर कुकर इकाई एवं टेक्सटाइल इकाई की स्थापना हेतु भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। परियोजना में हरित विकास को प्राथमिकता देते हुए सौर ऊर्जा, बायोगैस प्लांट एवं पर्यावरण संरक्षण आधारित गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।
धमतरी ड्रीम कॉरिडोर की विशेषता इसकी मजबूत कनेक्टिविटी है। धमतरी राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है तथा भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित सड़क मार्ग जिले को अन्य राज्यों से सीधे जोड़ रहे हैं। रेल सेवा प्रारंभ होने से परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिली है, वहीं रायपुर एयरपोर्ट की निकटता जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
परियोजना के माध्यम से जिले के पर्यटन स्थलों को भी नई पहचान देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। गंगरेल बांध, सिहावा स्थित महानदी उद्गम क्षेत्र, रूद्रेश्वर कॉरिडोर तथा प्रस्तावित इको टूरिज्म विलेज जैसे स्थलों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं एवं बेहतर सड़क संपर्क से विकसित किया जा रहा है। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बताया कि
“ड्रीम कॉरिडोर परियोजना धमतरी जिले की संभावनाओं को नई पहचान देने वाली महत्वाकांक्षी पहल है। जिला प्रशासन निवेश, अधोसंरचना विकास, पर्यटन संवर्धन और स्थानीय युवाओं के कौशल विकास को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ा रहा है। यह परियोजना रोजगार सृजन के साथ-साथ जिले की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी।”
कार्यक्रम में ड्रीम कॉरिडोर की शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री वीडियो के माध्यम से जिले के भावी विकास मॉडल, औद्योगिक संभावनाओं, पर्यटन विस्तार एवं आधुनिक अधोसंरचना की रूपरेखा को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसकी उपस्थित जनसमूह ने सराहना की।









